लिंग अनुपात सुधारने के लिए नागरिक सहयोग करें, कावरखे जिला सलाहकार समिति की बैठक में किया आह्वान
वाशिम में लिंग अनुपात सुधारने के लिए नागरिकों को जागरूक करने की पहल, इनाम योजना से कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने का प्रयास।
Washim News: कन्या भ्रूण हत्या और बिगड़ता लिंग अनुपात समाज के सामने गंभीर चुनौती है. इसी संदर्भ में वाशिम जिला प्रशासन ने महिलाओं के सशक्तिकरण और लिंग चयन पर रोक लगाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है. जिला सामान्य अस्पताल में 15 अप्रैल को आयोजित पीसीपीएनडीटी जिलास्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि कोई नागरिक, स्वास्थ्य कर्मचारी या सामाजिक कार्यकर्ता गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण या मेडिकल गर्भपात अधिनियम के उल्लंघन की विश्वसनीय जानकारी देता है और उसके आधार पर मामला उजागर होता है, तो सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा.
यह योजना सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू की जा रही है. बैठक में समिति अध्यक्षा डॉ. अलका मकासरे, जिला शल्य चिकित्सक एवं प्राधिकृत अधिकारी डॉ. अनिल कावरखे, एड. गोवर्धन गंगावणे, डॉ. शिवनंदा आम्ले, विधि सलाहकार एड. राधा नरवलिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. सामाजिक जागरुकता जरूरीजिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या केवल कानून का मामला नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक जागरूकता आवश्यक है. यदि नागरिक पहल करें और प्रशासन को गैरकानूनी कार्यों की जानकारी दें, तो एक बच्ची की जान बच सकती है और समाज का दृष्टिकोण बदल सकता है.
जिला परिषद के सीईओ अर्पित चौहान ने कहा कि नागरिकों की भागीदारी से ही यह अभियान सफल होगा. इनाम योजना जागरूकता फैलाने और जेंडर भेदभाव रोकने में मदद करेगी. जिला शल्य चिकित्सक डॉ. अनिल कावरखे ने कहा कि लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या गंभीर सामाजिक समस्याएँ हैं. जिले में लागू की जा रही इनाम योजना कन्या भ्रूण की सुरक्षा के लिए एक प्रभावी कदम है. नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पर प्रशासन तुरंत कार्रवाई करेगा. सूचना देने के लिए राज्य पीसीपीएनडीटी टोलफ्री नंबर 104 और 18002334475 पर संपर्क किया जा सकता है.
