Washim News: एनडीआरएफ 5वीं बटालियन पुणे, एसडीआरएफ नागपुर तथा जिला आपदा व्यवस्थापन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में हीटवेव, बाढ़, बिजली, आग, सड़क दुर्घटना और सांप के काटने जैसे आपदा विषयों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रिसोड की तहसीलदार प्रतीक्षा तेजनकर ने की।
मंच पर प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में एनडीआरएफ पुणे के पुलिस निरीक्षक जालिंदर फुंदे, एसडीआरएफ नागपुर के पुलिस उपनिरीक्षक एस.पी. बोदर, जिला आपदा व्यवस्थापन अधिकारी शाहू भगत, वैद्यकीय अधिकारी डॉ. वाशिमकर और पुलिस उपनिरीक्षक बोंबले उपस्थित थे।
डॉ. वाशिमकर ने हीटस्ट्रोक और उससे बचाव के उपायों पर मार्गदर्शन दिया। वहीं पुलिस निरीक्षक जालिंदर फुंदे और उपनिरीक्षक बोदर ने बाढ़, बिजली, आग, सड़क दुर्घटनाओं तथा सांप के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार, पट्टियों के उपयोग और बचाव उपायों का प्रात्यक्षिक प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना जिला आपदा व्यवस्थापन अधिकारी शाहू भगत ने प्रस्तुत की, जबकि अध्यक्षीय मार्गदर्शन तहसीलदार प्रतीक्षा तेजनकर ने दिया। संचालन ग्रामीण राजस्व अधिकारी लोखंडे ने किया और आभार प्रदर्शन सुधाकर पडघन ने किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के पटवारी, मंडल अधिकारी, कृषि सहायक, शिक्षक, पुलिस कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मचारी, कोतवाल, पुलिस पाटिल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा स्वयंसेविका, आपदा मित्र और सखी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देकर उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में तत्पर रहने का संदेश दिया गया। यह कार्यशाला ग्रामीण और शहरी स्तर पर आपदा प्रबंधन की जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।