भीषण गर्मी के बीच आंगनवाड़ी बंद नहीं, 300 दिन पोषण आहार नियम से प्रशासन की बढ़ी चुनौती

Gondia Anganwadi : गोंदिया जिले की 1,724 आंगनवाड़ियों में भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए रोटेशन पद्धति और 'टेक होम राशन' के माध्यम से 300 दिन पोषण आहार का नियम पूरा किया जा रहा है।
Gondia Anganwadi Rotation System:
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Gondia Anganwadi Rotation System:  राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य में भीषण गर्मी को देखते हुए आंगनवाड़ियों को एक महीने की छुट्टी देने का निर्देश दिया है, ताकि छोटे बच्चों को तेज धूप और गर्मी से परेशानी न हो। लेकिन, दूसरी ओर केंद्र सरकार का यह सख्त निर्देश है कि बच्चों को साल में कम से कम 300 दिन पूरक पोषण आहार अनिवार्य रूप से दिया जाए। चूंकि साल में दिवाली समेत अन्य त्योहारों की छुट्टियां भी होती हैं, इसलिए अब गर्मी में एक महीने की पूरी छुट्टी देने से 300 दिन का कोटा कवर नहीं हो पाएगा।

इस विरोधाभासी नियमों से प्रशासन के सामने बड़ी दुविधा उत्पन्न हो गई है। हालांकि, इस छुट्टी के समाधान के तौर पर अब आंगनवाड़ी सेविका के लिए 15 दिन और सहायिका के लिए 15 दिन की रोटेशन ड्यूटी का विशेष पैटर्न लागू किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी में पंजीकृत बच्चों को साल में कम से कम 300 दिन पूरक पोषण आहार देना वैधानिक रूप से जरूरी है।

इसी नियम की वजह से बहुत ज्यादा गर्मी में भी आंगनवाड़ियों को पूरी तरह से बंद रखना बेहद मुश्किल हो जाता है। गोंदिया जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में वर्तमान में कुल 1,724 आंगनवाड़ियां कार्यरत हैं। इन सभी जगहों पर बच्चों की कुल संख्या हजारों के आस-पास है। हीटस्ट्रोक के बढ़ते खतरे को देखते हुए, बच्चों को सीधे आंगनवाड़ी केंद्र में बुलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

ऐसे सुलझाई गई छुट्टी की जटिल उलझन

300 दिन का पूरक पोषण आहार देने का कड़ा निर्देश होने से आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका की छुट्टी को लेकर बड़ी उलझन बनी हुई थी। प्रशासन ने आंगनवाड़ी सेविका के लिए 15 दिन और सहायिका के लिए 15 दिन की रोटेशन ड्यूटी पक्की करके इस समस्या को व्यावहारिक रूप से सुलझा लिया है। इस दौरान 'टेक होम राशन' अर्थात सीधे घर पर पोषण आहार वितरित करने की पद्धति अपनाई जा रही है। इससे 300 दिन के नियम का कड़ाई से पालन भी हो रहा है, और इस सुव्यवस्थित नियोजन की वजह से आंगनवाड़ी सेविकाओं पर आने वाला मानसिक तनाव भी काफी कम हुआ है। इसके तहत कर्मचारी अपनी सुविधा के हिसाब से छुट्टी भी ले सकते हैं, क्योंकि बच्चों को घर पहुंच पोषण आहार मिलने से शासकीय आदेश का भी पूरी तरह पालन हो रहा है।

सेविका और सहायिका के लिए रोटेशन सिस्टम हुआ लागू

गोंदिया जिले में आंगनवाड़ी सेविका व सहायिका को राहत दिलाने और छुट्टी का लाभ देने के लिए विशेष रोटेशन सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत उन्हें 15-15 दिन की वैकल्पिक छुट्टी दी गई है और बच्चों को नियमित रूप से पोषण आहार भी प्रदान किया जा रहा है। यह जानकारी महिला व बाल विकास विभाग, जिला परिषद, गोंदिया के अधिकारी कीर्तिकुमार कटरे ने दी है।

विभाग में रिक्त पदों से बढ़ा कर्मचारियों का तनाव

गोंदिया जिले की सभी आठ तहसीलों में कुल 1,724 आंगनवाड़ियां संचालित हैं। नियमानुसार हर आंगनवाड़ी में एक आंगनवाड़ी सेविका और एक सहायिका की अत्यंत आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में जिले में सेविकाओं के 89 पद रिक्त चल रहे हैं। इसके साथ ही, सहायिकाओं के 56 पद रिक्त हैं, और क्षेत्र में पर्यवेक्षकों के भी 14 पद खाली पड़े हैं। जिले में आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका के इतने बड़े पैमाने पर पद रिक्त होने के बावजूद, हर आंगनवाड़ी का दैनिक काम सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्यरत कर्मचारियों को जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग के महत्वपूर्ण निर्देश

आयोग का मानना है कि बहुत ज्यादा गर्मी 3 से 6 साल तक के मासूम बच्चों की सेहत पर बेहद बुरा असर डाल सकती है। इसलिए, वर्तमान स्थिति में 'बच्चों की सेहत और सुरक्षा' को उपस्थिति के सामान्य नियमों से ज्यादा प्राथमिकता दी जाए। गोंदिया जिला प्रशासन द्वारा इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि आंगनवाड़ी परिसरों को पूरी तरह बंद किए बिना भी बच्चों का पूरक पोषण आहार किसी भी स्थिति में बंद न हो। इसी रणनीति के तहत बच्चों को निरंतर घर पहुंच आहार सुलभ कराया जा रहा है।

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