मालेगांव. निर्माण कार्य सामग्री के दरों में हुई भारी वृध्दि के कारण अभी मकान निर्माण कार्य करना आसान नहीं रहा है़ विगत 10 दिनों में लोहं और पाईप की दरों में 25 प्रश की वृध्दि हुई है. जिस से अब निर्माण कार्य व्यवसायियों पर संकट की छाया मंडरा रही है़ विगत 10 दिनों के पूर्व लोहे की सलाखें 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल से मिल रही थी. लेकिन अब इसके दाम बढ कर 8,100 रुपये हुए है़ इसी तरह एंगल, पाईप, सीमेंट के दामों में भी भारी वृध्दि हुई है़.
तहसील में इसके पूर्व चिचांबा पेन गांव से रेत लाई जा रही थी़ इसके लिए प्रति ब्रास 3 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ रहा था. लेकिन वहां की रेत पिछले 4-5 वर्षों से बंद हो गयी है़ जिस से अब बुलढाना जिले के तलणी गांव से रेती तहसील में आ रही है़ उसे अभी 6 हजार रुपये ब्रास की दर से खरीदना पड़ रहा है़.
यह बंद रहने पर नागपुर के समीप कन्हान की रेती निर्माण कार्य के लिए उपयोग में लायी जा रही है़ इसके लिए 9 हजार रुपये प्रति ब्रास देना पड़ रहा है़ इस बीच रशिया और यूक्रेन युध्य को देखते हुए निर्माण कार्य सामग्री को भाव 25 प्रश से और बढ़ गए है़ जिस से निर्माण कार्य का खर्च भी बढ़ गया है. पिछले महिने में निर्माण कार्य का दर 1400 रुपये प्रती चौरस फीट था अब वह 1600 रुपये प्रति चौरस फीट हुआ है़
अभी फिर से केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल के भाव बढाए तो निर्माण कार्य सामग्री के दरों में फिर से वृध्दि हो सकती है़ निर्माण कार्य का खर्च बढ़ गया है लेकिन घरकुल योजना के अंर्तगत प्राप्त होनेवाले अनुदान की राशि पहले जैसे ही है़ घर का निर्माण कार्य मूलभूत आवश्यकता है़ सरकार ने निर्माण कार्य सामग्री के दरों पर नियंत्रण रखकर इन दरों में वृध्दि नहीं होगी इसका ध्यान रखना चाहिए.