वर्धा: जलसंकट से निपटने के लिए 36.43 करोड़ की योजनाएं, 92 कुओं का अधिग्रहण और 268 गांवों में मरम्मत कार्य शुरू
Wardha Water Crisis: वर्धा जिले में जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन ने ₹36.43 करोड़ की योजना तैयार की है। इसके तहत 92 निजी कुओं का अधिग्रहण कर ग्रामीण इलाकों में जलापूर्ति शुरू की गई है।
- Written By: रूपम सिंह
वर्धा जलसंकट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Wardha Water Supply: वर्धा जिले में बढ़ते जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन ने विभिन्न उपाय योजनाओं को गति दी है। ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अनुसार, वर्तमान में जिले के 92 निजी कुओं का अधिग्रहण कर वहां से जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। इसके अलावा 65 सार्वजनिक कुओं के गहरीकरण एवं गाद निकासी कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में जिले के 777 गांवों में जल संकट की स्थिति से निपटने के लिए कुल 906 उपाययोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
इन कार्यों पर लगभग 36 करोड़ 43 लाख 40 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। नल जलापूर्ति विशेष मरम्मत योजना के अंतर्गत 275 गांवों के प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजे गए थे। इनमें से 268 गांवों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है।
सभी स्वीकृत गांवों में निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्यारंभ आदेश जारी कर दिए गए हैं और अधिकांश कार्य प्रगति पर हैं। जल संकट निवारण के तहत निजी कुओं के अधिग्रहण की योजना में 92 गांवों में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। वहीं सार्वजनिक कुओं के गहरीकरण और गाद निकालने की योजना के अंतर्गत 96 गांवों के प्रस्ताव भेजे गए थे, जिनमें से 65 कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। इन कार्यों की निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
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सभी स्वीकृत योजनाओं पर तेज गति से किया जा रहा काम
विशेष बात यह है कि फिलहाल वर्धा जिले में किसी भी गांव में टैंकर अथवा बैलगाड़ी के माध्यम से पानी आपूर्ति करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। प्रशासन का दावा है कि जल संकट से निपटने के लिए सभी स्वीकृत योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो।
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बोरवेल के केवल 8 कामों को मंजूरी
इसके अलावा अस्थायी पूरक जलापूर्ति योजना के तहत एक गांव के प्रस्ताव को मंजूरी देकर कार्य शुरू कर दिया गया है। नई बोरवेल निर्माण योजना के अंतर्गत 72 गांवों के प्रस्ताव प्रशासन को भेजे गए थे, जिनमें से अब तक केवल 8 कार्यों को मंजूरी मिली है और उनका काम जारी है।
