रामघाट वन क्षेत्र में जल संकट गहराया, बंद बोरवेल और सोलर सिस्टम शुरू करने की मांग
Ramghat Forest: अर्जुनी मोरगांव के रामघाट राष्ट्रीय आरक्षित वन क्षेत्र की एनाची झरी में बंद पड़ी बोरवेल और सौर ऊर्जा आधारित जल आपूर्ति प्रणाली के कारण वन्यजीवों के सामने गंभीर जल संकट पैदा हो गया है।
Borewell Repair Demand (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Water Crisis In Arjuni Morgaon: अर्जुनी मोरगांव के पास स्थित रामघाट वन क्षेत्र की एनाची झरी में बंद पड़ी बोरवेल और सौर ऊर्जा सोलर प्रणाली को तुरंत ठीक कर जल सुविधा पूर्ववत शुरू करने की मांग श्री राजे छत्रपति ग्रुप अर्जुनी मोरगांव की ओर से वनपरिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी मोरगांव को सौंपे गए ज्ञापन में की गई है।
मोरगांव के पास स्थित रामघाट राष्ट्रीय आरक्षित वन क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण बाघ और वन्यजीव आवास क्षेत्र है, जहां बाघ, तेंदुआ, भालू, सांबर, नीलगाय, जंगली सुअर तथा अन्य कई वन्यजीवों की आवाजाही बड़े पैमाने पर हैं। तीव्र गर्मी के दौरान वन्यजीवों के लिए पानी की उपलब्धता अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय बन जाता है।
रामघाट वन क्षेत्र में जल संकट गहराया
रामघाट वन क्षेत्र की एनाची झरी वन्यजीवों के पीने के पानी का प्रमुख प्राकृतिक स्रोत हैं और कई वन्य प्राणी इस जल स्रोत पर निर्भर हैं। लेकिन बढ़ता तापमान, कम बारिश और बदलता मौसम के कारण झरी का प्राकृतिक जल भंडार जल्दी सूख जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग द्वारा यहां बोरवेल और सौर ऊर्जा आधारित जल आपूर्ति प्रणाली स्थापित की गई थी, लेकिन वर्तमान में उक्त बोरवेल और सोलर प्रणाली बंद अवस्था में है और सभी उपकरण निष्क्रिय पड़े हैं।
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बंद बोरवेल और सोलर सिस्टम शुरू करने की मांग
प्यासे भटक रहे वन्यजीवों को पीने के पानी के लिए बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई प्राणी मानव बस्तियों और खेतों की ओर जाने की संभावना बन गई है। प्रतिनिधि मंडल में श्री राजे छत्रपति ग्रुप मोरगांव के अध्यक्ष राकेश प्रेम राऊत, उपाध्यक्ष संदीप भंडारी, सचिव शेख सद्दाम, अश्विनसिंह गौतम, भास्कर गिदमारे, यशवंत पचारे, कुणाल मेश्राम, उमेश पुस्तोडे का समावेश था।
