वर्धा में दौड़ रहीं 220 एसटी बसें, 40 पुरानी स्क्रैप-50 नई शामिल, लेकिन रखरखाव पर उठे सवाल

Wardha ST Bus Service: वर्धा जिले में राज्य परिवहन की 220 एसटी बसें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ रही हैं, लेकिन बसों की खराब स्थिति और रखरखाव की कमी से यात्रियों में चिंता बढ़ रही है।
wardha st bus service 220 buses 40 scrapped 50 new buses transport update
Wardha ST Bus Service:वर्धा जिले में राज्य परिवहन की 220 एसटी बसें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ रही हैं, लेकिन बसों की खराब स्थिति और रखरखाव की कमी से यात्रियों में चिंता बढ़ रही है, जबकि वर्ष 2025-26 में 40 पुरानी बसें स्क्रैप में भेजकर 50 नई बसें डिपो को दी गई हैं।
Updated on

Wardha Transport News: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने में राज्य परिवहन (एसटी) बसों की महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है। 'लालपरी' के नाम से प्रसिद्ध ये बसें आम नागरिकों के लिए सुरक्षित सफर का भरोसा देती हैं। वर्तमान में वर्धा जिले में विभिन्न श्रेणियों की कुल 220 एसटी बसें मार्गों पर संचालित हो रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले के पांच डिपो से करीब 40 पुरानी बसों को स्क्रैप में भेजा गया है, वहीं इसी अवधि में लगभग 50 नई बसें जिले को प्राप्त हुई हैं।

जिले में वर्धा, हिंगनघाट, आर्वी, पुलगांव और तलेगांव (शार्प) इन पांच एसटी डिपो के माध्यम से परिवहन सेवा संचालित होती है। इन डिपो से प्रतिदिन 900 से अधिक फेरियां चलाई जाती हैं। इनमें से 60 प्रतिशत बसें लंबी दूरी के मार्गों पर संचालित होती हैं, जबकि शेष बसें ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देती हैं। हालांकि, बसों के रखरखाव और फिटनेस को लेकर विभाग की अनदेखी सामने आ रही है।

महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष योजनाएं

कई बार बसें रास्ते में ही खराब हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी एसटी बसें ही परिवहन का मुख्य साधन हैं। नौकरीपेशा लोग, स्कूल और कॉलेज के छात्र बड़ी संख्या में इन बसों पर निर्भर हैं। रिवायती दरों पर पास सुविधा मिलने से यह सेवा और भी उपयोगी साबित हो रही है। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिन्हें अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

बसों की खराब हालत से यात्रियों में चिंता

कई बसों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सीटें फटी हुई हैं खिड़‌कियां टूटी हुई हैं और तकनीकी समस्याएं भी अक्सर सामने आती हैं। समय पर नए टायर उपलब्ध न होने से हादसे की आशंका बनी रहती है। यात्रियों ने मांग की है कि एसटी बसों की फिटनेस और रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए, ताकि सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित हो सके।

हर डिपो को मिली 10-10 नई बसें

जिले में वर्धा, हिंगनघाट, आर्वी, पुलगांव व तलेगांव शापं पांच डिपो है। इस वर्ष जिले के प्रत्येक पांचों डिपो को 10-10 नई बसें प्रदान की गई है। वहीं सबसे अधिक 17 बसे हिंगनघाट डिपो से स्क्रैप में भेजी गई हैं।

(इनपुट: विशाल कट्टोजवार,वर्धा)

Navbharat Live
navbharatlive.com