

Wardha District Planning Committee: वर्धा जिला नियोजन समिति के माध्यम से स्वीकृत विभिन्न ग्रामीण सड़कों, तीर्थक्षेत्रों और यात्रास्थलों के विकास कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण विभाग के अभियंताओं पर तय की जाए।
यह निर्देश पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में अन्य जिला मार्गों के विकास एवं मजबूतीकरण, ग्रामीण सड़कों के विकास एवं मजबूतीकरण तथा 'क' वर्ग तीर्थक्षेत्र एवं यात्रास्थल विकास कार्यक्रम की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, अपर जिलाधिकारी संजय तेली, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज गोहाड, जिला परिषद निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता शुभम गुंडतवार, सुनील गफाटे, निर्माण विभाग के उपअभियंता, कनिष्ठ अभियंता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
पालकमंत्री ने कहा कि विभिन्न निर्माण कार्यों को मंजूरी देते समय जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद संबंधित अधिकारी नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करें और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। स्कूलों और आंगनवाड़ियों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में सबसे पहले वाटर रूफिंग और कलरिंग के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
वर्ष 2025-26 में अन्य जिला मार्गों के विकास एवं मजबूतीकरण के 58 कार्य हाथ में लिए गए हैं। इनमें से 30 कार्य पूर्ण, 9 कार्य प्रगति पर हैं, 17 कार्यों के कार्यारंभआदेश जारी हो चुके हैं, जबकि 2 कार्यों के करारनामे किए गए हैं।
'क' वर्ग तीर्थक्षेत्र एवं यात्रास्थल विकास कार्यक्रम के तहत। जिले में अब तक 37 कार्य हाथ में लिए गए हैं। इनमें 2 कार्य पूर्ण, 12 प्रगति पर, 11 कार्यों के कार्यारंभआदेश जारी और 11 कार्यों के करारनामे किए जा चुके है। एक कार्य निविदा स्तर पर है।
ग्रामीण सड़क विकास एवं मजबूतीकरण के तहत कुल 119 कार्य मंजूर है। इनमें से 31 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 49 कार्य प्रगति पर है, 29 कार्यों के कार्यारंभआदेश जारी किए गए हैं, 9 कार्यों के करारनामे हो चुके हैं और 1 कार्य निविदा स्तर पर है।