वर्धा में 36.92% कम बारिश से जलसंकट का खतरा, किसानों की मांग पर चार जलाशयों से छोड़ा गया पानी

Wardha Water Crisis: वर्धा जिले में इस वर्ष मानसून के दौरान सामान्य से 36.92% कम बारिश हुई है। जलसंकट की आशंका के बीच किसानों को राहत देने के लिए चार जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है।
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वर्धा जलाशय(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Wardha Irrigation Project: मानसून के दौरान इस वर्ष जिले में अपेक्षित बारिश नहीं होने से आगामी दिनों में जलसंकट की आशंका बढ़ गई है। बारिश की कमी के कारण खेतों में फसलें मुरझाने लगी हैं। किसानों की मांग को देखते हुए जिले के चार बड़े एवं मध्यम जलाशयों से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को कुछ राहत मिली है। वहीं, महाकाली स्थित धाम परियोजना से छोड़ा गया पानी केवल पेयजल के लिए उपयोग किया जाना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में सामान्यतः जून से सितंबर तक 874.05 मिमी बारिश होती है। इस वर्ष मानसून में अब तक केवल 558.03 मिमी बारिश दर्ज हुई है। यानी औसत की तुलना में 36.92 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अक्टूबर में भी पर्याप्त बारिश होगी या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिले में 11 बड़े एवं मध्यम जलाशय हैं, जिनकी कुल जलसंग्रहण क्षमता 611.044 दलघमी है।

फसलें प्रभावित

कम बारिश के कारण जलाशय पूरी तरह नहीं भर सके हैं। वर्तमान में इन जलाशयों में 421.668 दलघमी उपयोगी जलसाठा उपलब्ध है। बारिश में लंबे अंतराल के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं। इसी को देखते हुए सेलू तहसील के बोर प्रकल्प, आर्वी तहसील के धनोडी बहाद्दरपुर स्थित निम्न वर्धा प्रकल्प और कारंजा तहसील के वर्धा-कार नदी प्रकल्प से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है। वहीं, महाकाली स्थित धाम प्रकल्प से पेयजल के लिए पानी छोड़ा जा रहा है।

निम्न वर्धा प्रकल्प

आर्वी तहसील के निम्न वर्धा प्रकल्प से 4 अक्टूबर से नहर के जरिए सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है। इस चरण में करीब 7 दलघमी पानी छोड़े जाने की योजना है। इससे लगभग 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा।

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बोर प्रकल्प

सेलू तहसील के बोर प्रकल्प से 2 अक्टूबर से नहर के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। कुछ और दिनों तक पानी छोड़े जाने की योजना है। इस चरण में करीब 1 दलघमी पानी छोड़ा जाएगा। इससे लगभग 13 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों को सिंचाई का लाभ मिलेगा।

वर्धा-कार नदी प्रकल्प

कारंजा तहसील के वर्धा-कार नदी प्रकल्प से 2 अक्टूबर से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। आगामी कुछ दिनों तक पानी छोड़ा जाएगा। इस चरण में करीब 3.5 दलघमी पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सिंचाई लाभ क्षेत्र के किसानों को राहत मिलेगी।

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'धाम' से वर्धा सहित 14 गांवों की प्यास बुझेगी

धाम नदी के येलाकाली और पवनार स्थित पात्र से पानी उठाकर वर्धा शहर को नगरपालिका प्रशासन तथा पिपरी मेघे सहित 14 गांवों को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण पेयजल उपलब्ध कराता है। वर्धा शहर, आसपास के 14 गांवों तथा धाम नदी किनारे बसे करीब 10 गांवों की पेयजल जरूरत को देखते हुए महाकाली स्थित धाम प्रकल्प से 3 अक्टूबर से पेयजल के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। इससे जिला मुख्यालय सहित आसपास के गांवों को राहत मिलेगी।

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