Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

खेती बनी अर्थव्यवस्था की रीढ़, जैविक खेती की ओर बढ़ते किसान, वर्धा में नई उम्मीद

Wardha Agriculture: वर्धा जिले में 2024-25 के दौरान दलहनों की औसत उत्पादकता 1527 किलो प्रति हेक्टेयर दर्ज हुई है। जैविक खेती की मांग बढ़ने से किसान नए विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Apr 01, 2026 | 01:37 PM

प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )

Follow Us
Close
Follow Us:

Wardha Organic Farming: वर्धा कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ग्राम विकास और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से ‘गांवों की ओर चलो’ का ऐतिहासिक संदेश दिया था। हालांकि, बढ़ते शहरीकरण और कांक्रीट के जंगलों के कारण कृषि क्षेत्र में लगातार कमी आ रही है। इसी पृष्ठभूमि में वर्ष 2024-25 के दौरान जिले में दलहनों की औसत प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 1527 किलो दर्ज की गई है, यह जानकारी कृषि विभाग ने दी है।

जिले की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी रोजगार और ग्रामीण विकास के लिए कृषि पर निर्भर है। कृषि क्षेत्र न केवल सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान देता है, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति भी करता है।

जिले के किसान खरीफ मौसम में मुख्य रूप से कपास, सोयाबीन और तूर की खेती करते हैं, जबकि रवी मौसम में चना और गेहूं की बुवाई प्रमुख रूप से की जाती है। इसके अलावा कुछ किसान मूंग, उड़द एवं अन्य दलहनी फसलों का भी उत्पादन करते हैं।

सम्बंधित ख़बरें

Maharashtra 1st Conclave 2026: मुंबई में 19 मई को होगा दिग्गजों का महासंगम, महाराष्ट्र के विकास पर होगा मंथन

संगमनेर जल संकट पर सख्त हुए विखे पाटिल, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश

बीजेपी शासित राज्यों में जानबूझकर मुस्लिमों को किया जा रहा टारगेट, सड़कों पर नमाज पर पाबंदी से भड़के अबू आज़मी

NEET के गुनहगार पकड़े गए, तो SRPF पेपर लीक के आरोपी बाहर क्यों? रोहिणी खडसे का महाराष्ट्र सरकार से सवाल

कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2024-25 में जिले में दलहनों की उत्पादकता 1527 किलो प्रति हेक्टेयर रही है। इस बीच जिले में जैविक कृषि उत्पादों को उपभोक्ताओं द्वारा प्राथमिकता दिए जाने की प्रवृत्ति भी बढ़ती दिखाई दे रही है, जिससे किसानों में जैविक खेती के प्रति रुचि बढ़ रही है।

वर्ष 2025-26 का लक्ष्य क्या?

खरीफ मौसम में जिले के किसान तूअर, मूंग, उड़द एवं अन्य दलहन फसलों की खेती करते हैं, जबकि रबी मौसम में चना और अन्य दलहनों का उत्पादन लिया जाता है।

यह भी पढ़ें:-खेती सीजन खत्म, तेलंगाना-आंध्र में मिर्च तुड़ाई बना रोजगार का सहारा, गड़चिरोली से हजारों मजदूर बाहर

कृषि विभाग को वर्ष 2025-26 के लिए खरीफ दलहनों की उत्पादकता का लक्ष्य 1734.20 किलो प्रति हेक्टेयर तथा रबी दलहनों की उत्पादकता का लक्ष्य 1449.22 किलो प्रति हेक्टेयर प्राप्त हुआ है। मौसम के अंत में फसल कटाई प्रयोग और अन्य आंकड़ों के संकलन के बाद वास्तविक उत्पादकता स्पष्ट हो सकेगी।

Wardha pulses productivity agriculture growth 2024 25

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 11, 2026 | 01:54 PM

Topics:  

  • Agriculture Sector
  • Farming
  • Latest Hindi News
  • Maharashtra
  • Maharashtra News
  • Organic Farming
  • Wardha
  • Wardha News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.