प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Wardha Parking Issue: वर्धा शहर के मार्केट परिसर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सड़क पर दिन ब दिन बढ़ता अतिक्रमण व वाहनों की पार्किंग गंभीर समस्या बनी हुई है। सड़कें सिकुड़ जाने से यातायात करने में नागरिकों को अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संबंधित प्रशासन की उपाययोजना को लेकर हो रही अनदेखी से आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है। शहर के बाजार क्षेत्र में सिंधी लाइन, कच्छी लाइन, पत्रावली चौक मार्ग, गोल बाजार, अंबिका होटल चौक आदि परिसर के साथ ही साई मंदिर रोड, विठ्ठल मंदिर रोड, भामटीपुरा आदि क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाए गए हैं।
इसके अलावा, कुछ प्रतिष्ठानों का निर्माण अभी भी चल रहा है। लेकिन पार्किंग की जगह केवल कागजों पर दिखाई जा रही है, जिससे वर्तमान में वाहनों के लिए पार्किंग की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस समस्या को हल करने के लिए कुछ समय पहले नगर परिषद प्रशासन और यातायात नियंत्रण शाखा ने प्रयास किए थे, लेकिन अधिकारी बदलने के बाद फिर से स्थिति पहले जैसी हो गई।
बाजार क्षेत्र में कई गलियां हैं, जिन्हें समय-समय पर साफ किया जा सकता है, और इन स्थानों पर कम से कम दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा नगर निगम को प्राथमिकता के आधार पर नागरिकों को उपलब्ध करानी चाहिए, लेकिन नगर परिषद की जगह पर भी कुछ बड़े व्यावसायिकों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिससे कुछ हिस्सों की गलियां गायब हो गई हैं।
नगर परिषद समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाता है, लेकिन इस मुहिम के दौरान केवल छोटे व्यावसायिकों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। बड़े व्यावसायिकों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर अभी तक नगर परिषद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। यदि समय रहते गलियों को अतिक्रमण मुक्त करने पर निश्चित ही समस्या दूर होगी।
शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में फुटपाथ पर पेवर ब्लॉक लगाकर रास्ते बनाए गए हैं, लेकिन कुछ व्यवसायियों द्वारा अपने दुकान के सामने वस्तुएं रखकर अतिक्रमण कर रखा है। इस कारण कुछ जगह फुटपाथ गायब हो गया है। व्यापारियों द्वारा सामान रखने पर यातायात पुलिस और नगर परिषद प्रशासन द्वारा मिलकर कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई जा रही है।
पहले से ही संकरे रास्ते और फुटपाथ पर सामान रखे जाने तथा अनियमित रूप से वाहन खड़ा किए जाने के कारण बाजार के विभिन्न रास्तों पर हमेशा यातायात जाम की स्थिति बनती है।
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इस यातायात जाम से बाहर निकलते समय रोजाना बाजार में छोटे-मोटे हादसे होते हैं, लेकिन कई मामले पुलिस स्टेशन तक नहीं पहुंचते। यदि यातायात पुलिस और नगर निगम प्रशासन स्थानीय व्यापारियों को विश्वास में लेकर बाजार क्षेत्र में वाहन पार्किंग के लिए विशेष प्रयास करें, तो बाजार में आने वाले नागरिकों को बिना किसी परेशानी के राहत मिल सकती है।