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वर्धा के मंगेश चोरे ने 31 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्मदहन करने की चेतावनी दी है।
उन्होंने सेलू पुलिस पर कथित अन्यायपूर्ण कार्रवाई और झूठे मामले दर्ज करने के आरोप लगाए हैं।
चोरे का दावा है कि अवैध धंधों के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया और हिरासत के दौरान मारपीट की गई।
Wardha Police Complaint: वर्धा जिले के सेलू पुलिस थाने के संबंधित अधिकारियों की कथित अन्यायपूर्ण कार्रवाई से मानसिक और शारीरिक रूप से त्रस्त होने का दावा करते हुए पीड़ित मंगेश चोरे द्वारा 31 अक्टूबर को वर्धा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्मदहन करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि उन्हें यहां न्याय मिलने की उम्मीद नहीं रही।
निवेदन के माध्मय से पीडित मंगेश चोरे चोरे ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को झूठा बताते हुए इनकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सेलू के संबंधित थानेदार को निलंबित कर पूरे मामले की गहन जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की भी मांग की है।
आरोप है कि केलझर परिसर में कथित अवैध धंधों के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया। उनके अनुसार इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायतें भी दी थीं।
उनका दावा है कि उनके पास थानेदार की कई अनियमितताओं के सबूत हैं, जिसके चलते थानेदार ने उन्हें धमकी भरे फोन किए। उन्होंने आरोप लगाया कि धमकियों का जवाब न देने पर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से हिरासत में लिया गया। हिरासत में लेने के बाद रास्ते में एक पीएसआई के साथी ने उनके पेट पर मारपीट की, जिससे उनकी जान पर बन आई और इलाज के लिए उन्हें मुंबई जाना पड़ा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति में थानेदार बिना किसी सर्च वारंट के उनके घर पहुंचे और कंप्यूटर में सबूत होने की आशंका से, घर में केवल एक महिला के होते हुए, घर का कंप्यूटर और सीसीटीवी का डीवीआर उठा ले गए। उन्होंने इन सभी आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
साथ ही मांग की है कि रास्ते में पीएसआई के साथ मारपीट होते देखने वाले प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएं। इसके अलावा, डीवीआर और कंप्यूटर ले जाते समय यह घटना देखने वाले पांचवीं कक्षा के एक नाबालिग बालक और घर के सामने मंदिर में भजन कर रही महिलाओं के बयान दर्ज कर सेलू के थानेदार पर कार्रवाई की जाए।
तीन वर्ष पूर्व एक सप्ताह के भीतर कई झूठे मामले दर्ज कर पुलिस ने अपने पद और अधिकार का दुरुपयोग किया था, लेकिन उन्होंने तब संवैधानिक मार्ग अपनाकर सब सहन किया। अब उनकी सहनशीलता समाप्त हो चुकी है, इसलिए वे यह चरम कदम उठाने की बात कह रहे हैं। साथ कुछ भी होने की स्थिति में सेलू के थानेदार को पूरी तरह जिम्मेदार माना जाए। 30 तारीख तक तिरंगा वस्त्र धारण कर अपने प्रियजनों से मुलाकात करेंगे और 31 को आत्मदाह करेंगे, ऐसा निवेदन में कहा है।