Wardha News: वर्धा शहर के इंजापुर परिक्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड इन दिनों स्थानीय नागरिकों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। यहां शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र का भी कचरा एकत्रित कर निस्तारण के लिए डाला जाता है।
लेकिन बीते कुछ समय से डंपिंग यार्ड में बार-बार आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आसपास के इलाके में धुएं का गुबार फैल जाता है और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, डंपिंग यार्ड में जमा कचरे को प्रतिदिन आग लग जाती है। कई बार यह आग स्वयं सुलगने से लगती है तो कुछ मामलों में अज्ञात कारणों से आग भड़क उठती है।
आग लगने के बाद वहां से उठने वाला घना धुआं पूरे परिसर में फैल जाता है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।
नागरिकों का कहना है कि डंपिंग यार्ड के आसपास रहने वाले परिवारों, बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है। लगातार उठने वाले धुएं के कारण आंखों में जलन, खांसी और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
हालांकि आग लगने की सूचना मिलते ही नगर परिषद का दमकल विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास करता है। दमकल कर्मियों की तत्परता से आग को नियंत्रित तो कर लिया जाता है, लेकिन बार-बार आग लगने की घटनाओं से समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो पा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि डंपिंग यार्ड में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था की जाए, ताकि बार-बार आग लगने की घटनाओं पर रोक लग सके और धुएं से हो रही परेशानी से लोगों को राहत मिल सके।
नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।