संजय गायकवाड पड़े अकेले, गाली-गलौज मामले में शिवसेना ने झाड़ा पल्ला, अब सीएम शिंदे लेंगे कार्रवाई पर फैसला

Sanjay Gaikwad Controversy: शिवसेना प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने विधायक संजय गायकवाड की धमकी भरी भाषा की निंदा की है। उन्होंने कहा कि गायकवाड के बयानों से एकनाथ शिंदे और पार्टी की छवि खराब हो रही है।
Sanjay Gaikwad Left Isolated: Shiv Sena Distances Itself from Abusive Remarks Row; CM Shinde to Now Decide on Action
संजय गायकवाड (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Prakash Mahajan Shiv Sena: महाराष्ट्र की राजनीति में अपने विवादित बयानों के लिए मशहूर शिंदे गुट के विधायक संजय गायकवाड की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं  (Sanjay Gaikwad Controversy)। कॉम्रेड गोविंद पानसरे की प्रसिद्ध पुस्तक 'शिवाजी कोण होता' के शीर्षक को लेकर प्रकाशक प्रशांत आंबी को कथित तौर पर फोन पर अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने स्पष्ट कर दिया है कि शिवसेना गायकवाड के इन विचारों और उनकी भाषा का रत्ती भर भी समर्थन नहीं करती है।

पार्टी और मुख्यमंत्री की छवि हो रही खराब

शिवसेना प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने मीडिया से बात करते हुए विधायक संजय गायकवाड को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "गायकवाड की जो ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है, उसकी सत्यता मैं नहीं जानता, लेकिन उनकी भाषा और विचारों से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। यह उनका व्यक्तिगत मत हो सकता है। गायकवाड एक विधायक हैं और उन्हें बोलते समय संयम रखना चाहिए। उनकी ऐसी हरकतों से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूरी पार्टी की बदनामी होती है।" महाजन ने आगे कहा कि किसी पुस्तक की सत्यता जाने बिना और उसके शीर्षक पर इस तरह की हिंसक प्रतिक्रिया देना यह दर्शाता है कि विधायक में धैर्य की कमी है। उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके व्यवहार का सीधा असर पार्टी नेतृत्व की छवि पर पड़ता है।

क्या होगी संजय गायकवाड पर कार्रवाई?

जब प्रकाश महाजन से पूछा गया कि क्या पार्टी संजय गायकवाड के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई करेगी, तो उन्होंने इसका सीधा उत्तर देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही लेंगे। हालांकि, प्रवक्ता के रूप में उन्होंने यह संदेश साफ कर दिया कि पार्टी इस विवाद में विधायक के साथ खड़ी नहीं है।

नीलम गोऱ्हे के रुख से अलग पार्टी का बयान

दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले विधान परिषद की पूर्व उपसभापति नीलम गोऱ्हे ने गायकवाड का बचाव करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि गायकवाड की भूमिका (इरादा) सही थी, लेकिन उनकी भाषा गलत थी। लेकिन अब प्रकाश महाजन के कड़े रुख ने यह संकेत दे दिया है कि शिवसेना का शीर्ष नेतृत्व इस मामले में बैकफुट पर नहीं रहना चाहता और गायकवाड को उनके किए की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।

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