किशोरियों की सेहत के लिए जरूरी HPV टीका, वर्धा में जागरूकता की कमी से धीमी रफ्तार
Wardha Cervical Cancer: वर्धा में गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए चल रहे HPV टीकाकरण अभियान को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। 9,833 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 472 किशोरियों ने ही टीका लगवाया है।
- Written By: अंकिता पटेल
वर्धा एचपीवी टीकाकरण( सोर्स: सोशल मीडिया )
Wardha HPV Vaccination Drive: वर्धा आज की किशोरवयीन लड़कियां कल के विकसित भारत की सशक्त महिलाएं बनने वाली हैं। सुरक्षित मातृत्व तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के उद्देश्य से सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है।
इसी कड़ी में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘टिकाकरण अपनी लडकी का सुरक्षा उसके भविष्य की’ अभियान अंतर्गत एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
हालांकि, जिले में इस अभियान को किशोरवयीन लड़कियों का अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। यह चात टीकाकरण के आंकड़ों से स्पष्ट हो रही है। एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभजिला अस्पताल में जिला शल्य चिकित्सक डॉ.सुमंत बाघ के हाथों महिला दिवस के अवसर पर किया गया।
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जिले में कुल 9 हजार 833 किशोरवयीन लड़कियों को यह टीका देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही जिलाधिकारी वान्मथी सी। ने लड़कियों से स्वयं आगे आकर टीका लगवाने की अपील की है। लेकिन 7 अप्रैल तक केवल 472 लड़कियों ने ही यह टीका लगवाया है।
इस अभियान के तहत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की किशोरवयीन लड़कियों को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए मुफ्त एचपीवी टीका लगाया जा रहा है।
टीकाकरण के लिए पात्रता
जो लड़कियां 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी है, लेकिन 15 वर्ष की नहीं हुई हैं, वे इस टीकाकरण के लिए पात्र है। टीकाकरण के लिए अभिभावकों को अपनी बेटी का पंजीकरण केंद्र सरकार के यू-विन पोर्टल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर करना होगा। इसके लिए अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है।
टीकाकरण फायदे
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर भारतीय महिलाओं में पाया जाने वाला दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। एचपीवी टीका इस बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है और यह 90 प्रतिशत से अधिक सुरक्षा प्रदान करता है।
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यह टीका सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, ग्रामीण अस्पतालों और जिला अस्पताल में पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। यह टीका विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित है। टीकाकरण के बाद कुछ लड़कियों को हल्का बुखार या इंजेक्शन की जगह पर सूजन हो सकती है, जो 2 से 3 दिनों में ठीक हो जाती है।
