

Highlights:
धोची डोरला गांव के नाग मंदिर परिसर में गुरुवार रात करीब 9 बजे कुछ लोग मंत्रोच्चार कर रहे थे और जमीन में गड्ढा खोद रहे थे।
गतिविधियों की भनक लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और संबंधित लोगों को पकड़ लिया।
ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं को सूचना दी और वडनेर पुलिस को मौके पर बुलाया।
Hinganghat Superstition Case: वर्धा जिले के हिंगनघाट तहसील के धोची डोरला गांव में गुप्तधन की तलाश के नाम पर अंधविश्वास फैलाने वाली एक टोली को ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं को मौके पर बुलाया और वडनेर पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9 बजे नाग मंदिर परिसर में कुछ लोग गुप्तधन की तलाश के लिए मंत्रोच्चार कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अंधविश्वास के आधार पर जमीन में गड्डा भी खोद दिया।
इस गतिविधि की भनक लगते ही ग्रामीण सतर्क हो गए और मौके पर पहुंचकर पूरी टोली को पकड़ लिया। इस टोली में धोची निवासी अतुल कोल्हे, येरला निवासी खुशाल उमाटे, भास्कर उमाटे, सोनू खुशाल उमाटे तथा बड़की के एक दंपति के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मामले में सभी की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ग्रामीणों की सूचना पर वडनेर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और संबंधित लोगों को अपने साथ ले गई। पुलिस ने अगले दिन जांच करने की बात कही।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस संबंधित लोगों को थाने ले जाने के करीब एक घंटे के भीतर ही छोड़ दिया गया। इससे पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर अंधविश्वास फैलाने और गुप्तधन की तलाश के नाम पर गतिविधियां करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद गांव में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गुप्तधन मिलने के लालच में इस तरह की गतिविधियां न केवल लोगों को भ्रमित करती हैं, बल्कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सामाजिक शांति को भी प्रभावित करती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गहराई से जांच कर यह पता लगाया जाए कि इस गतिविधि के पीछे किन लोगों की क्या भूमिका थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।