वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय में प्रशासनिक भवन की तालाबंदी से अधिकारी-कर्मचारी फंसे, छह छात्रों पर केस हुआ FIR

Hindi University Students Protest: वर्धा के हिंदी विश्वविद्यालय में छात्रों की नारेबाजी से कुलगुरु की ऑनलाइन चयन समिति बैठक में व्यवधान पड़ा। प्रदर्शनकारियों से शांत रहने को कहा गया।
Wardha Hindi University Students Protes
ऑनलाइन बैठक के दौरान छात्रों ने की जोरदार नारेबाजी(फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Wardha Hindi University Students Protest: वर्धा जिले के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय निरंत सुर्खियों में है। गुरुवार को छात्रों और शोधार्थियों ने प्रशासनिक भवन के पास जोरदार नारेबाजी कर प्रशासनिक भवन को ताले जडे दिए।

उक्त घटना के बाद परिस्थिति तनावपूर्ण हुई। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी बुद्धदास मिरगे ने रामनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की।

इन छात्रों पर दर्ज हुआ केस

वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में छात्र और प्रशासन एक बार फिर आमने-सामने आ गए। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने छह छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

शिकायत के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे कुछ छात्र और शोधार्थी प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने भवन के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर ताले जड़ दिए। इससे प्रशासनिक भवन में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी अंदर ही फंस गए और कुछ समय के लिए बंधक जैसी स्थिति बन गई।

तालाबंदी के कारण विश्वविद्यालय का नियमित कामकाज भी प्रभावित हुआ। घटना के बाद परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही। वर्धा पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Wardha Hindi University Students Protes
छत्रपति संभाजीनगर: बेटे को बचाने दौड़े पिता, दोनों खाई में गिरे; पति-बेटे के बाद मां ने भी दी जान

ऑनलाइन बैठक में नारेबाजी से पड़ा असर

प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की कुलगुरु जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की चयन समिति की बैठक में ऑनलाइन जुड़ी हुई थीं। इसी बीच प्रशासनिक भवन के बाहर छात्रों और शोधार्थियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हो रही नारेबाजी के कारण ऑनलाइन बैठक में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

बैठक में शामिल अधिकारियों और सदस्यों के सामने भी प्रदर्शन का असर दिखाई दिया। स्थिति को देखते हुए छात्रों और शोधार्थियों से शांत रहने तथा नारेबाजी बंद करने के लिए कहा गया। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।

प्रशासनिक भवन के प्रवेश और निकास द्वारों पर ताले लगाए जाने के कारण विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी प्रभावित हुए। घटना के बाद परिसर में तनाव की स्थिति बन गई और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छह छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Navbharat Live
navbharatlive.com