गोंदिया के 41 राजस्व मंडलों में लगी स्वचालित प्रणाली, अब ग्राम पंचायत स्तर पर मिलेगा मौसम का रियल टाइम डेटा

Automatic Weather Stations: गोंदिया के 41 राजस्व मंडलों में स्वचालित मौसम केंद्र शुरू हुए। किसानों को अब गांव स्तर पर सटीक मौसम पूर्वानुमान मिलेगा, फसल बीमा और सरकारी सहायता में पारदर्शिता बढ़ेगी।
Gondia Automatic Weather Stations Mahavedh Project
गोंदिया में स्वचालित मौसम केंद्र(सोर्स: AI)
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Gondia Automatic Weather Stations: बदलते मौसम, अनियमित बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए केंद्र सरकार की 'विंइस' तथा महाराष्ट्र शासन की 'महावेध' परियोजना के तहत गोंदिया जिले के 41 राजस्व मंडलों में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए गए हैं।

इन अत्याधुनिक केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर वर्षा, तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा जैसी महत्वपूर्ण मौसम संबंधी जानकारियां रियल टाइम में दर्ज की जा रही हैं। हालांकि फिलहाल इनमें से दो केंद्र तकनीकी कारणों से बंद हैं।

कृषि विभाग का मानना है कि इस पहल से किसानों को स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम पूर्वानुमान मिलेगा, जिससे वे समय पर कृषि संबंधी निर्णय लेकर फसलों को नुकसान से बचा सकेंगे।

मिलेगा रियल टाइम डेटा

महावेध परियोजना के तहत स्थापित मौसम केंद्र उपग्रह तकनीक और आधुनिक सेंसर से लैस हैं। इनसे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर किसानों को वर्षा, तापमान और मौसम में होने वाले बदलाव की सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बुआई, सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक के छिड़काव जैसे कृषि कार्यों की बेहतर योजना बन सकेगी।

लगातार बदलते मौसम और बेमौसम बारिश की स्थिति में यह प्रणाली किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता साबित होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर का मौसम पूर्वानुमान कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अनावश्यक लागत को भी कम करने में मदद करेगा।

Gondia Automatic Weather Stations Mahavedh Project
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मौसम का सटीक रिकॉर्ड

प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश के कारण होने वाले फसल नुकसान का आकलन करने में आधिकारिक मौसम आंकड़ों की अहम भूमिका होती है। ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित इन मौसम केंद्रों से वर्षा और मौसम का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे फसल बीमा दावों के सत्यापन और सरकारी सहायता वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवडे ने बताया कि सभी राजस्व मंडलों में शासकीय भूमि उपलब्ध कराकर मौसम केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा बंद पड़े दोनों केंद्रों को भी शीघ्र चालू करने का कार्य प्रगति पर है। विभाग का उद्देश्य किसानों तक समय पर विश्वसनीय मौसम जानकारी पहुंचाकर खेती को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है।

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