

Wardha Grain Scam Case Registered: वर्धा तहसील कार्यालय के धान्य आपूर्ति विभाग में सामने आए करीब 31.77 लाख रुपये के कथित अनाज घोटाले में अब पुलिस कार्रवाई की गई है।
इस मामले में निलंबित तालुका आपूर्ति निरीक्षण अधिकारी मनिषा माजरखेडे और राशन दुकान से जुड़े योगेश भाले के खिलाफ 20 अगस्त को वर्धा शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घोटाल कार्यालयीन जांच के बाद सामने आया था।
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद जिलाधिकारी वान्मथी सी. ने मनिषा माजरखेडे को निलंबित किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया गया है। नायब तहसीलदार अजय धर्माधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की।
शिकायत के अनुसार, वर्धा जिला सहकारी होलसेल एवं रिटेल कन्झुमर्स सोसायटी, वर्धा को जोडकर डी.बी. कुंभलवार के ई-पॉस मशीन क्रमांक 150400100263 पर धान्य मंजूर करते समय शासन के निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि सायलेंट आरसी को नियमबाह्य तरीके से एक ही दुकान पर ट्रांसफर किया गया।
तहसीलदार की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि तालुका आपूर्ति निरीक्षण अधिकारी माजरखेडे ने अपने लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर ई-पॉस मशीन पर सायलेंट आरसी ट्रांसफर की। कुल 619 आवेदनों में से 337 आवेदन प्राप्त हुए।
इनमें से 25 कार्डधारकों के बयान में उन्होंने राशन कार्ड ट्रांसफर के लिए आवेदन नहीं करने और संबंधित धान्य नहीं उठाने की बात कही है। टीएफएसओ लॉगिन आईडी का दुरुपयोग करते हुए करीब 1,150 लॉगिन आईडी से सायलेंट आरसी एक ही दुकान पर ट्रांसफर की गई। इन कार्डों पर अनज उठाने के कारण सरकार को आर्थिक नुकसान होने का भी आरोप लगाया गया है।
वर्धा पुलिस में दी गई शिकायत के अनुसार, जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के दौरान संबंधित राशन दुकान के लिए 141.20 क्विंटल गेहूं, 555.05 क्विंटल चावल और 46.56 क्विंटल ज्वार अतिरिक्त मंजूर किया गया। शिकायत में इस अतिरिक्त धान्य के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा, माजरखेडे पर अपने स्तर पर नियमों को दरकिनार कर योगेश भाले को बिक्री प्रतिनिधि (सेल्समैन) नियुक्त करने, टीएफएसओ लॉगिन का दुरुपयोग करने तथा सायलेंट आरसी ट्रांसफर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।