गोरस भंडार में गंदगी और मिलावट का खेल? 25 लाख के दूध-घी जब्त; वर्धा में तुकाराम मुंढे की महाकार्रवाई

FDA Raid News: वर्धा के गोरस भंडार पर FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के आदेश पर बड़ी कार्रवाई! अस्वच्छता और असुरक्षित खाद्य उत्पादन के चलते 25.86 लाख का माल जब्त कर संस्थान को सील कर दिया गया है।
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गोरस भंडार में FDA की कार्रवाई (सोर्स: सोशल मीडिया)
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FDA Raid Goras Bhandar: जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्थित प्रसिद्ध डेयरी मे. वर्धा तहसील गो दुग्ध उत्पादक सहकारी संस्था लोकप्रिय नाम गोरस भंडार पर रविवार, 31 मई को एक बड़ी छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 25 लाख 86 हजार 168 रुपये का संदिग्ध और असुरक्षित खाद्य भंडार जब्त कर प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

गंदगी और असुरक्षित वातावरण में उत्पादन

नागपुर एफडीए कार्यालय को मिली गुप्त सूचना के आधार पर वर्धा के मगनवाडी स्थित इस संस्था के उत्पादन केंद्र पर अचानक छापा मारा गया,। जाँच दल ने पाया कि वहां गाय का दूध, घी, छाछ और खवा जैसे पदार्थों का उत्पादन अत्यंत अस्वच्छ और असुरक्षित परिस्थितियों में किया जा रहा था, जो खाद्य सुरक्षा कानूनों का सीधा उल्लंघन है। अधिकारियों ने मौके से इन सभी पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज दिया है।

पहले भी लग चुका है जुर्माना

यह इस संस्थान की पहली लापरवाही नहीं है। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी घटिया और निम्न स्तर के खाद्य पदार्थ बेचने के कारण इस संस्था पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका था। पिछली चेतावनी के बावजूद सुधार न होने पर, इस बार प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए न केवल उत्पादन बंद कराया, बल्कि बाजार में वितरित हो चुके सभी उत्पादों को तुरंत 'रिकॉल' (वापस मंगवाने) के आदेश भी दिए हैं।

आयुक्त तुकाराम मुंढे की कड़ी चेतावनी

इस बड़ी कार्रवाई के बाद आयुक्त तुकाराम मुंढे ने मिलावटखोरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शुद्ध और सुरक्षित भोजन पाना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मुनाफे के लालच में नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी और आपराधिक कार्रवाई जारी रहेगी।

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता या मिलावट पर संदेह हो, तो वे सीधे एफडीए से शिकायत करें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। इस धड़ाकेबाज कार्रवाई से वर्धा और नागपुर संभाग के दुग्ध व्यवसाय क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

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