एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने तोड़ी माफियाओं की कमर, जानें क्या है पुणे जहरीली शराब कांड का भिवंडी कनेक्शन?

Pune Poisonous Liquor Case: पुणे में जहरीली शराब से 22 मौतों के बाद FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने ऑपरेशन वॉश आउट शुरू किया है। भिवंडी की कंपनी से अवैध मिथेनॉल जब्त कर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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तुकाराम मुंढे (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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FDA Commissioner Tukaram Mundhe Action: महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में हाल ही में घटी जहरीली शराब के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस भयानक घटना में अवैध हाथभट्टी की शराब पीने से अब तक 22 निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है। इस मौत के तांडव के पीछे की असली वजह और इसके मुख्य गुनहगारों तक पहुँचने के लिए कड़क प्रशासनिक अधिकारी और अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कमान संभाली है। उनकी एक बड़ी कार्रवाई ने इस पूरे मामले के भिवंडी कनेक्शन का पर्दाफाश कर दिया है।

22 परिवारों की तबाही और ऑपरेशन वॉश आउट

पिंपरी के दापोडी, फुगेवाडी और पुणे के हडपसर तथा कालेपडल इलाकों में जहरीली शराब पीने के बाद कई लोगों के मुंह से झाग निकलने लगा और तड़प-तड़प कर उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद अवैध शराब के धंधों को जड़ से मिटाने के लिए ऑपरेशन वॉश आउट शुरू किया गया। एफडीए आयुक्त का पद संभालते ही तुकाराम मुंढे पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए और उन्होंने तुरंत इस जहरीले जाल की जड़ों तक पहुँचने के आदेश दिए।

भिवंडी में छापेमारी और मिथेनॉल का जखीरा

तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में एफडीए की विशेष टीम ने जांच के दौरान पाया कि पुणे में मौत का कारण बना जानलेवा रसायन मिथेनॉल, भिवंडी से सप्लाई किया गया था। टीम ने तत्काल भिवंडी स्थित 8मे रेक्स इंटरनैशनल कंपनी के गोदाम पर छापा मारा, जहाँ से 5,929 किलोग्राम मिथेनॉल का अवैध और विशाल भंडार जब्त किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी के पास इस घातक रसायन की खरीद-बिक्री का कोई भी आधिकारिक रिकॉर्ड या रसीद नहीं थी। मिथेनॉल एक अत्यंत विषैला रसायन है, जिसका उपयोग शराब में नशा बढ़ाने के लिए किया गया था, जो मानव जीवन के लिए जानलेवा साबित होता है।

सप्लाई चेन का पर्दाफाश और सख्त कार्रवाई

जांच में खुलासा हुआ है कि यह मिथेनॉल भिवंडी की कंपनी से होकर मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े, करनाल सिंह विरक और राजू प्रजापति के आपराधिक नेटवर्क के जरिए पुणे पहुँचा था। पुलिस और एफडीए के संयुक्त अभियान में अब तक मुख्य सूत्रधार योगेश वानखेड़े सहित 6 से 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में ठाणे जिले में भी कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई और 7.30 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध स्टॉक जब्त किया गया।

प्रशासनिक सख्ती और निलंबन

इस लापरवाही के लिए पुणे पुलिस आयुक्त ने हडपसर के वरिष्ठ अधिकारियों सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। अपनी ईमानदारी और अनुशासन के लिए जाने जाने वाले तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की ओर से भी उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। तुकाराम मुंढे की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

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