वर्धा: शिक्षक समायोजन प्रक्रिया विवादों के घेरे में; स्कूलों की अद्यतन मान्यता और सूचियों की अनदेखी का आरोप
माध्यमिक शिक्षा विभाग की समायोजन प्रक्रिया में अद्यतन सूची और स्कूलों की मान्यता की अनदेखी से विवाद बढ़ा। जानें पूरी खबर।
Wardha Education Department News: वर्धा माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा मार्च में अतिरिक्त नियुक्त किए गए शिक्षक और शिक्षा सहायक कर्मचारियों का समायोजन विवाद के घेरे में आ गया है। समस्या का मुख्य कारण अद्यतन सूची और स्कूलों की मान्यता को अनदेखा कर समायोजन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।
शिक्षक और शिक्षा सहायक कर्मचारियों की समायोजन प्रक्रिया स्कूलों की मान्यता पूरी होने के बाद ही शुरू करनी चाहिए थी। इसके बावजूद, मंगलवार 7 मार्च को माध्यमिक शिक्षा अधिकारी जयश्री राऊत के कार्यालय में शिकायतों की सुनवाई के बाद 0 शिक्षक और 7 शिक्षा सहायक कर्मचारियों का समायोजन मार्च में पूरा कर दिया गया।
प्रक्रिया को पारदर्शी दिखाने का दावा किया गया, लेकिन वास्तविकता में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेश पालकर के पत्र के आधार पर जिन स्कूलों की अद्यतन मान्यता नहीं थी, उनके पिछले वर्ष की मान्यता को मानकर समायोजन किया गया। इससे कई स्कूलों और संस्थाओं के शिक्षक समायोजन में शामिल हो गए, जबकि उनकी सूची स्पष्ट नहीं थी। उदाहरण के लिए, न. प. स्कूल आर्वी, मॉडल हाईस्कूल आर्वी और विदर्भ यूथ वेलफेयर सोसाइटी अमरावती जैसी संस्थाओं ने अपनी सूची स्पष्ट नहीं की थी।
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समायोजन प्रक्रिया शुरू होने पर प्रहार शिक्षक संघ ने शून्य शिक्षकों वाले स्कूल का मुद्दा उठाकर बहिष्कार की चेतावनी दी। बाद में चर्चा के बाद उनकी मांगें मान ली गईं और कुछ शिक्षकों को समायोजन प्रक्रिया से बाहर रखा गया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। पूरे दिन जारी इस प्रक्रिया ने शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ा दी है।
