जिलाधिकारी वान्मथी सी. पगडंडी मार्गों (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Rural Road Development News: वर्धा जिले के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में उपयोग होने वाले पगडंडी मार्गों की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। किसानों और ग्रामीणों द्वारा इन मार्गों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें पक्का बनाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग द्वारा जिले में विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें अब तक लगभग 12 हजार पगडंडी मार्गों की पहचान की गई है।
जिलाधिकारी वान्मथी सी. ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले जिले में केवल 3 हजार पगडंडी मार्गों का ही पंजीयन हुआ था, लेकिन हाल ही में किए गए सर्वेक्षण में इनकी संख्या बढ़कर करीब 12 हजार तक पहुंच गई है। इन सभी मार्गों की मरम्मत कर उन्हें पक्की सड़क के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। पहले वर्ष में लगभग 20 प्रतिशत पगडंडी मागों को पक्का करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि आगामी पांच वर्षों के भीतर जिले के सभी पगडंडी मार्गों को पक्की सड़कों में बदलने का प्रयास किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिले में कई पगडंडी मार्गों पर अतिक्रमण हो गया है, जिसके कारण किसानों को खेतों तक आने-जाने में काफी परेशानी होती है। कई बार इस कारण विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है और मामले लंबे समय तक शासन स्तर पर लंबित रहते हैं।
ऐसे सभी अतिक्रमण हटाकर मार्गों को परिवहन के लिए पूरी तरह से खुला करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन मार्गों को पक्का करने के लिए जिला योजना समिति (डीपीसी), मनरेगा, सीएसआर सहित विभिन्न योजनाओं और माध्यमों से निधि उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है।
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वर्धा जिले के किसानों के लिए पगडंडी मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खरीफ और रबी सीजन के दौरान खेती से संबंधित बीज, खाद, उपकरण और अन्य सामग्री खेतों तक पहुंचाने के लिए यही मार्ग मुख्य साधन होते हैं। इसलिए इन मार्गों को मजबूत और पक्का बनाना ग्रामीण विकास की दृष्टि से भी आवश्यक माना जा रहा है। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर भी प्रयासरत हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी।