वर्धा में 8 माह में 1,703 डेंगू संदिग्धों की जांच, 5 पॉजिटिव; मलेरिया के 2.49 लाख सैंपल में 15 संक्रमित FIR

Wardha Health News: वर्धा में 8 माह में 1,703 डेंगू संदिग्धों की जांच में 5 पॉजिटिव मिले। मलेरिया के 2.49 लाख सैंपल में 15 संक्रमित पाए गए, सितंबर में डेंगू का 1 मरीज मिला।
Wardha Dengue Malaria Cases
डेंगू सोर्स: सोशल मीडिया
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Wardha Dengue Malaria Cases: वर्धा जिले में पिछले आठ महीनों में 1,703 डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई, जिनमें 5 की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली।

वहीं 2 लाख 49 हजार 331 मलेरिया सैंपल की जांच में 15 मरीज पॉजिटिव पाए गए। सितंबर में अब तक 98 डेंगू संदिग्धों की जांच में 1 मरीज पॉजिटिव मिला है। विभाग ने जिले में डेंगू-मलेरिया का प्रकोप नहीं होने का दावा किया है।

डेंगू-मलेरिया की दहशत के बीच आंकड़ों ने खोली तस्वीर

वर्धा जिले में पिछले कुछ दिनों से नागरिकों में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को लेकर चिंता बनी हुई है। निजी लैब में जांच कराने वाले कई लोगों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आने की चर्चा है। हालांकि, मलेरिया विभाग का दावा है कि जिले में डेंगू और मलेरिया का कोई प्रकोप नहीं है। विभाग के अनुसार, पिछले आठ महीनों में 1,703 डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई, जिनमें केवल 5 की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। वहीं, मलेरिया के 2 लाख 49 हजार 331 सैंपल की जांच में 15 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं।

सितंबर में डेंगू का 1 मरीज पॉजिटिव

मलेरिया विभाग के अनुसार, इस वर्ष 1 जनवरी से 31 अगस्त तक जिले में डेंगू के संदिग्ध मरीजों के 1,703 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें 5 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीं सितंबर माह में अब तक 98 डेंगू संदिग्धों के सैंपल की जांच की गई, जिसमें 1 मरीज पॉजिटिव मिला है।

2.49 लाख लोगों की हुई मलेरिया जांच

पिछले आठ महीनों में मलेरिया संदिग्ध कुल 2 लाख 49 हजार 331 लोगों के सैंपल की जांच की गई। इनमें 15 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। सितंबर माह में अब तक 15,006 लोगों के सैंपल टेस्ट किए गए हैं, जिसमें एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

बदलते मौसम से बढ़ता है संक्रमण का खतरा

निरंतर बदलते मौसम के कारण विभिन्न संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के दिनों में जलजनित बीमारियों के साथ मलेरिया और डेंगू का संक्रमण भी बढ़ सकता है। मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू का खतरा भी बढ़ता है। विभाग का कहना है कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय किए जा रहे हैं।

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घर और परिसर में पानी जमा न होने दें

वर्धा जिले में पिछले कुछ दिनों से नागरिकों में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को लेकर चिंता बनी हुई है। डेंगू एडीस इजिप्ती मच्छर के काटने से होने वाली विषाणुजनित बीमारी है। यह मच्छर मुख्य रूप से दिन में काटता है। डेंगू में बुखार, सिरदर्द, आंखों में जलन, शरीर में जकड़न, पेट दर्द, उल्टी, नाक से खून आने सहित अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

गमलों, खाली टायरों, फ्रिज के पीछे और मकान की छत पर पानी जमा रहने से मच्छरों की पैदाइश होती है। जिला मलेरिया विभाग ने ऐसी जगहों पर गप्पी मछलियां छोड़ने, घर और परिसर में साफ-सफाई रखने तथा जमा पानी तत्काल खाली करने की अपील की है। बारिश के मौसम में पानी उबालकर ठंडा करने के बाद पीने का आह्वान भी किया गया है।

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