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वर्धा जिले में कम बारिश और बढ़ती गर्मी के बीच डेंग्यू सदृश्य बुखार के मरीज बढ़ने की जानकारी सामने आई है।
आष्टी और आर्वी में डेंग्यू के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
वर्धा जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1,500 मरीज पहुंच रहे हैं।
Wardha Health Department: इस बार अल निनो के चलते कम बारीश हुई है। जिले में सुखे के संकट के बीच डेंग्यू सदृष्य बुखार के मरीजों में वृद्धि हुई है। इस परिस्थिती से निपटने स्वास्थ्य विभाग अपडेट है दवाईयों सहीत विविध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध की जा रही है। जिसका लाभनागरिकों को लेने का आहवान किया जा रहा है।
अक्टूबर महिना समाप्त होने को आ गया है। फिर भी गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही, गर्मी के चलते आज भी अधिकांश घरों में कुलर शुरू है। कुलर के शुद्धय पानी में मच्छरों की उत्पत्ति हो रही है। हाल ही में आष्टी व आवीं में डेंग्यू के मरीज मिले है। इस वातावरण में इन दिनों डेंग्यू सदृष्य बुखार की चपेट में लोग आ रहे है। जिससे अस्पतालों में मरीजों को भिड बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी उबालकर पिने तथा डेंग्यू के मच्छरों की उत्पत्ति न हो इस दृष्टीकोण से कुलरों का पानी स्वच्छ करने, आसपास पानी जमा नहीं रहना चाहिए तथा सफाई की ओर ध्यान देने का आहवान नागरिकों को किया है। प्रतिदिन वर्धा के जिला अस्पताल की ओपीडी में 1500 मरीज आ रहे है।
उसी प्रकार हिंगनघाट की उपजिला अस्पताल की ओपीडी में 350-400 मरीज, आर्यों के उपजिला अस्पताल में 250 मरीज, बडनेर ग्रामीण अस्पताल 100 मरीज, भिडी ग्रामीण अस्पताल 100 मरीज, कारंजा ग्रामीण अस्पताल 150 से। 200 मरीज, आष्टरी ग्रामीण अस्पताल में 200 मरीज, सेलु ग्रामीण अस्पताल में 200 मरीज समुद्रपुर ग्रामीण अस्पताल में 200 मरीज, भिडी ग्रामीण अस्पताल में 100 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में आ रहे है।
जिसमें डेंग्यू सदृष्य बुखार के मरीजों का समावेश होने की जानकारी है। जिससे बुखार आने पर लोगों को तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर ईलाज लेने का आहवान किया जा रहा है। सभी जगह आवश्यक दवाईयों का स्टॉक व सेवाएं उपलब्ध करने की जानकारी प्रशासन द्वारा दी गई है।
जिला शल्य चिकित्सक वर्षा डॉ. राजसिंह पवार ने कहा कि अल निनों के चलते सूखे के सकर तथा वातावरण में बढ़ रही गर्मी में विविध विमारीयों का प्रादुर्भाव बढ़ने की संभावना है जिसे ध्यान में रखकर स्वास्थ विभाग पहले से ही अलर्ट मोड पर है पेयजल का अपव्यय रोकना समय की जरूरत है इसके साथ ही बुखार व अन्य किसी भी स्वास्थ्य से जुडी शिकायत आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज ले।