शीतकालीन सत्र में घिरेगी महायुति सरकार! शिक्षाकर्मियों ने किया 8 दिसंबर से उग्र आंदोलन का ऐलान

Maharashtra News: समग्र शिक्षा के कंत्राटी कर्मचारी 20 साल से स्थायीकरण की मांग कर रहे हैं। 8 दिसंबर से नागपुर विधानसभा सत्र के दौरान वर्धा के 67 कर्मचारी अन्नत्याग आंदोलन करेंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: साेशल मीडिया)
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Maharashtra Contract Workers Agitation: महाराष्ट्र राज्य में समग्र शिक्षा योजना के ठेका कर्मचारी पिछले 20 वर्षों से नियमित सेवाओं में स्थिरता और हकों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अपने मांगों की अनदेखी के कारण ये कर्मचारी नागपुर में आयोजित महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अन्नत्याग आंदोलन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करेंगे।

इस आंदोलन में वर्धा जिले के कुल 67 अधिकारी और कर्मचारी भाग लेंगे। समग्र शिक्षा के कंत्राटी कर्मचारियों का प्रमुख आग्रह है कि सभी कंत्राटी कर्मचारियों को शासन सेवा में समायोजित कर स्थायी किया जाए।

आंदोलन में कर्मचारियों द्वारा अन्नत्याग, घंटानाद, शंखनाद, थालीनाद, टालीनाद, मौन आंदोलन, भीख मांगों आंदोलन और आत्मकलेश आंदोलन जैसे कई तरीके अपनाए जाएंगे, ताकि प्रशासन और सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान दे।

वर्धा जिले के ये कर्मचारी होंगे शामिल

वर्धा जिले से इस आंदोलन में शामिल होने वाले कर्मियों में 46 विषय साधन कर्मचारी, 7 वरिष्ठ लेखा लिपिक एवं रोखपाल, 10 डाटा एंट्री ऑपरेटर, 2 कनिष्ठ अभियंता, 1 बालरक्षक समन्वयक, 1 सहाय्यक कार्यक्रम अधिकारी का समावेश है।

यह आंदोलन 8 दिसंबर से शुरू होगा और कर्मचारी इस दौरान अपनी मांगों को लेकर दृढ़ रुख अपनाएंगे। स्थानीय कर्मचारी संघ का कहना है कि लंबे समय से स्थायी सेवाओं के अभाव में उनके जीवन और करियर पर गंभीर असर पड़ा है और अब वे सरकार से न्याय की मांग करने के लिए आंदोलन के लिए मजबूर हैं।

8 दिसंबर से नागपुर में शीतकालीन सत्र

बता दें महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र 8 दिसंबर से नागपुर में आयोजित होगा। इस राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्री समेत पूरी कैबिनेट व विधायक नागपुर में होंगे। ऐसे में वर्धा में आंदोलन से सरकार और प्रशासन की इस ओर ध्यान रहेगा।

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