वर्धा में डीजल संकट से किसान परेशान, थमे ट्रैक्टरों के पहिए; खरीफ की तैयारी प्रभावित

Wardha Diesel Shortage: वर्धा के ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की कमी से खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। सीमित आपूर्ति के कारण किसानों और ट्रैक्टर मालिकों की चिंता बढ़ गई है।
Diesel shortages in rural areas of Wardha are hampering preparations for the Kharif season. The limited supply has increased the anxiety of farmers and tractor owners.
डीजल की कमी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Wardha Diesel Shortage Agriculture News: वर्धा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की गंभीर कमी देखी जा रही है, जिसका सीधा असर कृषि कार्यों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

ट्रैक्टरों के लिए समय पर डीजल उपलब्ध नहीं होने से कई स्थानों पर जुताई, बखरनी और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वर्तमान में किसान आरिश के आगमन से पहले खेतों की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों पर सीमित डीजल आपूर्ति के कारन उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कई जगहों पर ट्रैक्टर मालिकों को प्रतिदिन केवल 10 से 15 लीटर डीजल ही दिया जा रहा है। इतनी मात्रा में ट्रैक्टर मात्र तीन से चार घंटे ही चल पाते हैं, जिससे किसानों की कार्ययोजना प्रभावित हो रही है। समय के साथ खेती में मशीनीकरन बढ़ा है और अधिकांश किसानों ने बैलगाड़ी आधारित खेती छोड़कर ट्रैक्टर व आधुनिक मशीनों का उपयोग शुरू कर दिया है।

ऐसे में डीजल के बिना खेती करना लगभग असंभव हो गया है। डीजल की कमी के कारन किसानों को एक गांव से दूसरे गांव तक पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बार घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा। डीजल की बढ़ती कीमतों का असर ट्रैक्टर किराया दरों पर भी पड़ा है। जिससे खेती की लागत और बढ़ गई है। वर्धा किसानों ने प्रशासन से ग्रामीन क्षेत्रों में डीजल की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

ट्रैक्टर मालिक व किसान चिंतित

ट्रैक्टर मालिक नितेश लिचड़े का कहना है कि पहले पेट्रोल पंपों पर कैन में डीजल मिल जाता था, लेकिन अब यह सुविधा बंद होने से ट्रैक्टर लेकर घंटों लाइन में लगना पड़ता है। वहीं किसान धनराज गायकवाड ने बताया कि बढ़ती ईंधन कीमतों और डीजल संकट के कारन खेती के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से खेती के लिए डीजल का विशेष कोटा उपलब्ध कराने की मांग की है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com