देवली में दशहरा उत्सव में तडस का प्रतिपादन, विकास के लिए सकारात्मक सोच जरूरी

Ramdas Tadas: विजयादशमी का पर्व सत्य पर असत्य के विजय के रूप में मनाया जाता है, ऐसे विचार पूर्व सांसद रामदास तडस ने देवली के मिरननाथ यात्रा मैदान में आयोजित दशहरा समारोह के अवसर पर व्यक्त किए़।
देवली में दशहरा उत्सव में तडस का प्रतिपादन
देवली में दशहरा उत्सव में तडस का प्रतिपादन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Wardha News: रावण महान ज्ञानी, विद्वान शासक और शिवभक्त था, लेकिन उसमें अपने ज्ञान और साधना का अहंकार था। अपने स्वामित्व को सिद्ध करने के लिए उसने असत्य और अनीति का मार्ग अपनाया। ऐसे अनेक दुर्गुणों के कारण उसका अंत सत्यवादी, न्यायप्रिय और नीतिमान श्रीराम के हाथों हुआ। इसी कारण विजयादशमी का पर्व सत्य पर असत्य, न्याय पर अन्याय और नीति पर अनीति की विजय के रूप में मनाया जाता है, ऐसे विचार पूर्व सांसद रामदास तडस ने देवली के मिरननाथ यात्रा मैदान में आयोजित दशहरा समारोह के अवसर पर व्यक्त किए़।

तडस ने कहा कि राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण सोयाबीन और कपास की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इस संकट की घड़ी में केंद्र और राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा की है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।

तमाम पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में देवली विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश बकाने, पुलिस निरीक्षक अमोल मंढारकर, तहसीलदार समर्थ क्षीरसागर, पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र मदनकर, राहुल चोपड़ा, नंदकिशोर वैद्य, विजय गोमासे, दिलीप कारोटकर, मारोतराव मरघाडे, शरद आदमने, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रवी कारोटकर, भाजपा शहर अध्यक्ष उमेश कामडी, भाजपा महिला आघाड़ी अध्यक्ष विद्या झिलपे आदि उपस्थित थे़। संचालन शुभांगी कुर्जेकर तथा आभार रवी कारोटकर ने माना़।

बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित

मंच पर संजय मुजबैले, कवीश सुरकार, योगेश आदमने, अंकित टेकाडे, सुरज कानेटकर, अमोल काकडे, विजय चौधरी, आकाश व-हाडे, सतीश भजभूजे, नाना दुरगुडे, आयुष आंबटकर, मनोज भेंडे, दीपक कामडी, विनोद तेलरांधे, विनोद भगत, नितीन तडस, सारिका लाकडे, ज्योति खाडे, विश्वजिता पोटदुखे सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे़।

'स्वदेशी' वस्तुओं पर दिया जोर

तडस ने आगे कहा कि बीते 10 वर्षों में सकारात्मक सोच के कारण देवली का चेहरा बदल गया है़। भविष्य में भी शहर के समग्र विकास के लिए सभी को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा़। उन्होंने 'स्वदेशी' पर जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत की नींव स्वदेशी वस्तुओं पर आधारित है़ महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर देश में बनी वस्तुएं खरीदना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी़।

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