मानसून से पहले वर्धा प्रशासन ने शुरू की तैयारियां, 24 घंटे एक्टिव रहेगी क्विक रिस्पॉन्स टीमें

Wardha Monsoon : मानसून के चलते वर्धा पुलिस ने आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आकलन, बचाव संसाधनों की जांच और 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए
Wardha Police reviewing disaster management preparedness and flood response arrangements ahead of the monsoon season.
वर्धा पुलिस सेफ्टी बोट का निरिक्षण करते हुए (फोटो नवभारत)
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Wardha Police Prepares For Monsoon: आगामी मानसून के दौरान संभावित बाढ़, अतिवृष्टि और चक्रवाती परिस्थितियों को देखते हुए वर्धा जिले के पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने जिला पुलिस बल की आपदा प्रबंधन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न आवश्यक उपायों और व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आकलन

समीक्षा बैठक में जिले की नदियों, बांधों, तालाबों और उनके आसपास स्थित गांवों की जानकारी लेकर अधिक वर्षा की स्थिति में संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आकलन किया गया। साथ ही पुलिस विभाग के पास उपलब्ध आपदा प्रबंधन संसाधनों, जैसे लाइफ बोट, लाइफ जैकेट, टॉर्च, रस्सियां और अन्य बचाव सामग्री की उपलब्धता तथा उनकी कार्यशील स्थिति की भी समीक्षा की गई।

तैराकों की सूची होगी तैयार

पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी पुलिस थानों को अपने-अपने क्षेत्र में तैराकी जानने वाले लोगों की सूची उनके मोबाइल नंबर सहित तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आपात स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता ली जा सके।

वर्धा पुलिस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता के लिए डायल-112 अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07152-232500 और 07152-232520 पर संपर्क करें। साथ ही लोगों से आपदा के दौरान अफवाहों और सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित संदेशों पर विश्वास न करने तथा प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया गया है।

24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम

पुलिस मुख्यालय और वर्धा जिले के सभी पुलिस थानों में 24×7 आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और स्थानीय आपदा प्रबंधन दलों की तैनाती एवं तैयारियों की भी समीक्षा की गई।

इसके अलावा, आपदा की स्थिति में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा अतिवृष्टि के कारण सड़कों के जलमग्न होने पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की पूर्व योजना तैयार करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।यह संस्करण वेब न्यूज पोर्टल के लिए अधिक सहज, पठनीय और प्रोफेशनल लगता है, जबकि मूल भाषा और सरकारी शैली भी बरकरार रहती है।

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