

Wardha Tirth Darshan Yojana: राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पर अब सवाल उठने लगे हैं। जिले में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने के बीच लाभार्थियों को स्लीपर कोच में यात्रा कराने की तैयारी को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने चिंता व्यक्त की है। इसे बुजुर्गों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़
बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, योजना के तहत वर्धा जिले से लाभार्थियों का पहला दल 25 मई की सुबह 10 बजे नागपुर से बोधगया तीर्थक्षेत्र के लिए रवाना होगा। स्थानीय समाज कल्याण विभाग को सुबह 7 बजे ही यात्रियों को नागपुर पहुंचाने की व्यवस्था करनी होगी।
ऐसे में यात्रियों की मांग है कि इस भीषण गर्मी में नागपुर बजाए वर्धा से ही ट्रेन की सुविधा हो तो, आसानी होगी। बता दें कि इस यात्रा के लिए लगभग 200 लाभार्थियों का चयन किया जाना है। अब तक 170 वरिष्ठ नागरिकों का चयन होने की जानकारी है। पात्र लाभार्थियों का चयन 8 मई को सामाजिक न्याय भवन में लॉटरी पद्धति से किया गया।
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की निःशुल्क यात्रा और दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके। हालांकि, वर्तमान में विदर्भ क्षेत्र भीषण गर्मी की चपेट में है।
पिछले कई दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है और मौसम विभाग ने मई माह के अंत तक गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना जताई है, ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन के स्लीपर कोच में यात्रा कराना चिंताजनक माना जा रहा है।
अधिकांश लाभार्थियों की आयु 60 वर्ष से अधिक है तथा कई लोग विभिन्न बीमारियों से भी पीड़ित हो सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस भीषण गर्मी में बुजुर्गों को स्लीपर कोच में लंबी यात्रा करवाना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समाज कल्याण विभाग और प्रशासन से इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वर्धा जिले से लाभार्थियों का पहला दल 25 मई को बोधगया के लिए रवाना होने वाला है। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ स्तर पर यात्रियों के लिए सरकार से एसी आरक्षण की मांग रखी गई है। इसके अलावा लाभार्थियों के साथ पेरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहेगा। स्वास्थ्य से लेकर अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। - अंकेश केदार, सहा। आयुक्त, समाज कल्याण, वर्धा