वर्धा में मजीप्रा ने काटे 200 नल कनेक्शन, ₹29 करोड़ का बिल अब भी बकाया, ‘अभय योजना’ की मांग तेज
MJP Wardha Recovery: वर्धा के पिपरी (मेघे) सहित 13 गांवों में मजीप्रा की बड़ी कार्रवाई। ₹29 करोड़ का बिल बकाया होने पर 200 नल कनेक्शन काटे गए। जानें पूरी रिपोर्ट।
- Written By: प्रिया जैस
नल कनेक्शन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Wardha Water Connection Disconnect: आर्थिक वर्ष के अंत में वर्तमान व बकाया पानीपट्टी टैक्स की वसूली के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) ने विशेष अभियान चलाया। इसके तहत प्रादेशिक जलापूर्ति योजना अंतर्गत वर्धा शहर से सटे पिपरी (मेघे) सहित 13 गांवों में दो विशेष पथकों द्वारा वसूली अभियान चलाया गया। इस दौरान लंबे समय से बकाया बिल का भुगतान न करने वाले लगभग 200 उपभोक्ताओं के नल कनेक्शन डिसकनेक्ट किए गए।
इस मुहिम के माध्यम से लगभग 75 लाख रुपये की पानीपट्टी वसूली की गई। इसके बावजूद, मजीप्रा के इन ग्राहकों पर वर्तमान व पिछले मिलाकर लगभग 29 करोड़ रुपये का पानी बिल अब भी बकाया है। मार्च एंडिंग के चलते यह विशेष वसूली अभियान चलाया गया था। पिपरी (मेघे) सहित 14 गांवों के लिए प्रादेशिक जलापूर्ति योजना संचालित है, जिस पर संपूर्ण नियंत्रण मजीप्रा का है।
30 करोड़ का बिल बकाया
इस योजना के तहत लगभग 20 हजार से अधिक नल कनेक्शन हैं। इनमें से अधिकांश ग्राहकों पर पुराने व वर्तमान बिल मिलाकर लगभग 30 करोड़ रुपये तक की बकाया राशि है। नियमित रूप से बिल भुगतान न होने के कारण मजिप्रा की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
सम्बंधित ख़बरें
कभी करियर खत्म होने की थी चर्चा, अब IPL में चमके सौरभ दुबे; दिग्गज बल्लेबाजों की उड़ा दी गिल्ली
किसान की शिकायत पर खुली डीजल चोरी की पोल, वडनेर पुलिस ने किया मामला दर्ज
वर्धा में भीषण गर्मी का कहर, 47°C के पार तापमान; 25 मई तक रेड अलर्ट जारी
वर्धा में डीजल संकट से किसान परेशान, थमे ट्रैक्टरों के पहिए; खरीफ की तैयारी प्रभावित
कई उपभोक्ताओं पर 40 से 50 हजार रुपये तक का बकाया है, जिसे वे चुका नहीं पा रहे हैं। ऐसे में कुछ वर्ष पहले लागू की गई ‘अभय योजना’ को पुनः शुरू करने की मांग जोर पकड़ रही है। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ-साथ मजिप्रा को भी समझौता राशि वसूलने में सुविधा हो सकती है।
पाइंटर
- 14 गांवों के लिए जलापूर्ति योजना
- 20 हजार से अधिक नल उपभोक्ता
- 200 कनेक्शन काटे गए
- 2 विशेष पथकों द्वारा वसूली अभियान
यह भी पढ़ें – पटरी के पास 500 करोड़ का खनन, यवतमाल में पहाड़ों को खोदकर बेची गई सरकारी रॉयल्टी, अफसरों पर गिरेगी गाज!
धाम नदी प्रकल्प से होती है जलापूर्ति
जिले के इन 14 गांवों के लिए धाम नदी प्रकल्प से जलापूर्ति की जाती है। योजना के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी मजीप्रा पर है। इस योजना में पिपरी मेघे, कारला, सावंगी-मेघे, सिंदी-मेघे, बोरगांव-मेघे, उमरी-मेघे, साटोडा, आलोडी, दत्तपुर, वरुड, वायगांव-निपानी, नालवाडी, म्हसाला और सालोड हिरापुर गांव शामिल हैं।
पिछले कुछ वर्षों में जल जीवन मिशन के तहत इन गांवों में सैकड़ों नए कनेक्शन दिए गए, लेकिन कई कनेक्शन अपडेट नहीं होने से मजीप्रा की परेशानी बढ़ गई है। वर्तमान में बड़ी संख्या में उपभोक्ता नियमित रूप से बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। उपविभागीय अभियंता दीपक धोटे ने नागरिकों से समय पर जल कर का भुगतान करने की अपील की है।
