छात्राओं के कपड़े तक फाड़े, पुलिस का रवैया क्रूर और अमानवीय: लाठीचार्ज की घटना पर अनिल देशमुख का गंभीर आरोप!

Nagpur Lathicharge Row: नागपुर में छात्र प्रदर्शन पर कथित पुलिस लाठीचार्ज को लेकर अनिल देशमुख ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
Even the female students' clothes were torn; the police's conduct was brutal and inhumane: Anil Deshmukh makes serious allegations regarding the lathi-charge incident!
नागपुर, अनिल देशमुख, छात्र प्रदर्शन,(नवभारत डिजाइन फोटो)
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Nagpur Student Protest Lathicharge: नागपुर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित अमानवीय लाठीचार्ज पर विपक्षी दलों के स्थानीय नेता भी भड़क उठे हैं। राज्य के पूर्व गृह मंत्री व राकां नेता अनिल देशमुख ने कड़ी निंदा करते हुए राष्ट्रपति से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में उन्होंने एक पत्र महामहिम राष्ट्रपति को लिखा है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि अपनी बात रखने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने अचानक बेहद क्रूर और अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज किया, देशमुख ने कहा कि पूरी घटना उन्होंने अपनी आंखों के सामने देखी कि कैसे छात्र-छात्राओं पर अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज किया गया तथा छात्राओं के कपड़े भी फाड़ दिए गए।

उन्होंने मांग की है कि इस पूरी घटना और पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय समिति से गहन जांच कराई जाए। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रत्यक्ष रूप से बल प्रयोग करने वाले पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने और अपनी बात रखने का मौलिक अधिकार दिया है।

दमन से नहीं दबा सकते जनाक्रोश : राऊत

दिल्ली आंदोलन में शामिल होने गए पूर्व मंत्री नितिन राऊत को दिल्ली पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार दमन के बल पर जनता के आक्रोश को दबा नहीं सकती। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिये जाने की घटना की कड़ी निंदा की।

राऊत ने कहा कि छात्रों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लेना लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है, जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय आदोलन को दबाने का रास्ता अपनाना केंद्र सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को हिरासत में लेकर सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है लेकिन छात्रों के न्याय के लिए शुरू हुआ यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।

लाठीचार्ज से रोष नहीं होगा कम : वडेट्टीवार

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी केन्द्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सरकार पर सवाल दागा कि लाठीचर्ज कर विद्यार्थियों को गुस्सा कम कर सकते हो क्या। उन्होंने कहा कि यह सरकार न्याय देने की बजाय शांतिपूर्ण आंदोलन को ताकत के बल पर दबाना चाह रही है लेकिन युवाओं का रोष बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाना चाहिए। तब तक युवाओं का आक्रोश खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर में सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर अस्पताल ले जाया गया।

उसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकी गई जिससे रोष और बढ़ गया। इस आंदोलन को अब देशभर से समर्थन मिल रहा है, विपक्ष ने भी संसद को ठप कर दिया है।

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