वर्धा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एमडी ड्रग्स तस्करी मामले में फरार आरोपी पंकज साठवने गिरफ्तार

Wardha Drug Smuggling: वर्धा के हिंगनघाट में एमडी (मेफेड्रोन) तस्करी गिरोह के खिलाफ MCOCA के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लंबे समय से फरार आरोपी पंकज प्रभाकर साठवने को गिरफ्तार किया।
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हिंगनघाट एमडी तस्करी- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Hinganghat MD Drug Case: हिंगनघाट पुलिस द्वारा एमडी (मेफेड्रोन) मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मकोका के तहत कार्रवाई की है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात आरोपी पंकज प्रभाकर साठवने को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीन और चंद्रपुर जिले के विभिन्न थानों में चोरी, घरफोड़ी, आर्म्स एक्ट, गांजा व एमडी की तस्करी, शराबबंदी उल्लंघन सहित कुल 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को हिंगनघाट पुलिस थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने पियुष उर्फ मस्तान राजू मुसले (27), निखिल मनोज रामनवार (25), जय वसंत चुटे (21), कार्तिक वसंत हमंद (29) तथा रितिक उर्फ पकोड़ा प्रकाश खोड़े (26) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 54 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद किया था।

6 माह में 26 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा

जांच के दौरान इस गिरोह की संगठित अपराध में संलिप्तता सामने आने पर 13 जुलाई 2026 को मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रन अधिनियम (मकोका) 1999 के तहत कार्रवाई की गई। जांच के दौरान फरार आरोपी पंकज प्रभाकर साठवने की तकनीकी साक्ष्यों एवं गोपनीय सूचना के आधार पर तलाश की गई। पुलिस ने उसे 17 जुलाई को छ। संभाजीनगर से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। आरोपी अन्य कई मामलों में भी नागपुर शहर एवं नागपुर ग्रामीन पुलिस को लंबे समय से वांछित था।

पुलिस की नागरिकों से अपील

वर्धा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना एटीएम कार्ड, बैंक 6 महीने में 26 लाख कों खाता नंबर या यूपीआई स्कैनर उपयोग के लिए न दें। ऐसा करने से साइबर एवं आपराधिक गतिविधियों में उनके बैंकिंग संसाधनों का दुरुपयोग हो सकता है।

6 महीने में 26 लाख रुपयों का किया गया व्यवहार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े पैसों के लेन-देन के लिए अन्य लोगों के एटीएम कार्ड, बैंक खाते और यूपीआई स्कैनर का इस्तेमाल करते थे। इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे मार्गदर्शन, डीवाईएसपी सुशीलकुमार नायक के नेतृत्व में हिंगनघाट पुलिस एवं एसडीपीओ कार्यालय की टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। मामले में आगे की जांच जारी है। पिछले 6 माह में इस प्रकार के म्यूल खातों में लगभग 26 लाख के व्यवहार होने की बात पुलिस जांच में सामने आयी है।

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