

June Rules Change Updates: मई का महीना अब खत्म होने वाला है और 1 जून से कई बड़े वित्तीय बदलाव लागू होने वाले हैं। इन नए बदलावों का सीधा असर आम लोगों के घर के बजट और जेब पर पड़ेगा। इन नियमों की जानकारी पहले से रखना हर व्यक्ति के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। इससे आपको पूरे महीने की सही फाइनेंशियल प्लानिंग करने में काफी मदद मिल सकती है।
एक जून से जो प्रमुख 6 बदलाव हो रहे हैं उनमें एलपीजी गैस, यूपीआई और बैंक एफडी शामिल हैं। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड, एटीएम फीस और पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी अहम संशोधन होगा। तेल कंपनियां हर महीने की तरह गैस के दाम अपडेट करेंगी और बैंक भी अपनी ब्याज दरों को बदलेंगे। इन सभी नए नियमों से देश के करोड़ों ग्राहकों को कुछ फायदे और कुछ नुकसान हो सकते हैं।
हर महीने की पहली तारीख की तरह एक जून को भी तेल कंपनियां गैस की नई कीमतों की घोषणा करेंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम तय होंगे। अगर दामों में कटौती होती है तो बड़ी राहत मिलेगी और दाम बढ़ने पर आम आदमी का बजट बिगड़ जाएगा।
डिजिटल लेनदेन को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए यूपीआई पेमेंट सिस्टम में कुछ नए बदलाव किए जा रहे हैं। इसके तहत अब बड़े और संदिग्ध डिजिटल ट्रांजैक्शन की बहुत सख्ती से और ज्यादा निगरानी की जाएगी। गलत खाते में पैसे जाने पर रिफंड की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान होगी जिससे यूजर्स को काफी राहत मिलेगी।
क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए एक जून से रिवॉर्ड पॉइंट्स और लाउंज एक्सेस के नियमों में बड़े बदलाव हो सकते हैं। कुछ बैंक यूटिलिटी बिल और रेंट पेमेंट पर लगने वाले प्रोसेसिंग शुल्क को भी काफी ज्यादा बढ़ा सकते हैं। इन नए चार्जेस के लगने से आपका क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना पहले के मुकाबले थोड़ा महंगा हो सकता है।
जून के महीने में कई सरकारी और निजी बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों की नई समीक्षा करने वाले हैं। बैंक अपनी कुछ विशेष एफडी योजनाओं को बंद कर सकते हैं और कुछ की ब्याज दरों को घटा या बढ़ा सकते हैं। नया निवेश करने से पहले ग्राहकों को विभिन्न बैंकों की नई ब्याज दरों की तुलना जरूर करनी चाहिए।
एटीएम से कैश निकालने के नियमों और फ्री ट्रांजैक्शन की तय लिमिट खत्म होने के बाद लगने वाले चार्ज बदलेंगे। बैंक अतिरिक्त ट्रांजैक्शन फीस में कुछ बढ़ोतरी कर सकते हैं जिसका सीधा असर एटीएम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। साथ ही ग्राहकों को एटीएम क्लोनिंग और फ्रॉड से बचाने के लिए नई सुरक्षा तकनीकी प्रोटोकॉल भी अपडेट होंगे।
आयकर विभाग बड़े सौदों पर सख्त नजर रखने के लिए पैन कार्ड से जुड़े अहम नियमों को और ज्यादा व्यवस्थित करेगा। कुछ विशेष तरह की वित्तीय गतिविधियों में पैन कार्ड की रिपोर्टिंग और वेरिफिकेशन को अब पूरी तरह अनिवार्य किया जाएगा। गलत पैन देने या बिना पैन के लेनदेन पर जुर्माने और टीडीएस के नए नियमों के तहत टैक्स चोरी को रोका जाएगा।