

Wardha Gram Panchayat Property Tax Recovery: वर्धा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को जलापूर्ति, सड़क, नालियों, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होती है। इन सुविधाओं के लिए ग्राम पंचायतों को विभिन्न करों से प्राप्त होने वाले राजस्व पर निर्भर रहना पड़ता है।
ऐसे में नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित संपत्ति कर का नियमित रूप से भुगतान करें। हालांकि, वर्धा जिले में संपत्ति कर की वसूली लक्ष्य की तुलना में बेहद कम होने से पंचायत विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
वर्धा जिले में वित्त वर्ष 2026-27 में पिछली बकाया राशि और चालू वर्ष की नई मांग को मिलाकर कुल 43 करोड़ 37 लाख 44 हजार 439 रुपये संपत्ति कर वसूल किया जाना है। इसके मुकाबले अब तक केवल 1 करोड़ 5 लाख 50 हजार 74 रुपये की वसूली हो पाई है। यह कुल लक्ष्य का महज 2।43 प्रतिशत है। ऐसे में मार्च 2027 के अंत तक शेष राशि की वसूली करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
वर्धा जिले में आठ पंचायत समितियों के अंतर्गत लगभग 521 ग्राम पंचायतें आती हैं। इन ग्राम पंचायतों के सामने हर वर्ष संपत्ति कर की शत प्रतिशत वसूली का लक्ष्य रहता है। कर से प्राप्त राशि का उपयोग गांवों में नागरिक सुविधाओं और विभिन्न विकास कार्यों के लिए किया जाता है।
लेकिन समय पर कर की वसूली नहीं होने के कारण ग्राम पंचायतों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होता है और कई विकास कार्य प्रभावित होते हैं। पंचायत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की बकाया संपत्ति कर राशि 9 करोड़ 9 लाख 20 हजार 867 रुपये है।
वहीं वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 34 करोड़ 28 लाख 23 हजार 572 रुपये की नई मांग निर्धारित की गई है। दोनों राशियों को मिलाकर इस वित्त वर्ष में कुल 43 करोड़ 37 लाख 44 हजार 439 रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया है।
वर्धा जिले में चालू वित्त वर्ष में अब तक केवल 2.43 प्रतिशत संपत्ति कर वसूल हो सका है। इसके चलते अब आगामी सात माह में 42 करोड़ 31 लाख 94 हजार 365 रुपये की शेष राशि वसूल करनी होगी। कम अवधि में इतनी बड़ी राशि की वसूली करना पंचायत प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन की ओर से नागरिकों से समय पर संपत्ति कर जमा करने की लगातार अपील की जाती है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर जनजागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। इसके बावजूद अपेक्षित गति से वसूली नहीं हो पा रही है। अब पंचायत विभाग को वसूली अभियान तेज करने के साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर बकायेदारों से कर वसूलने के लिए प्रभावी उपाय करने की आवश्यकता है।