वर्धा. विधायक डा. पंकज भोयर ने कहा कि जलस्तर तेजी से घटता जा रहा है. भूजल स्तर बढ़ाना आवश्यक है. दौड़ते पानी को रोककर उसका भूमिगत पुर्नभरण करने की आवश्यकता है. सरकार ने जलयुक्त शिवार योजना का दूसरा चरण शुरू कर दिया है. इसके साथ ही किसान, नागरिक व ग्रामपंचायतों से पहल करते हुए योजना का लाभ लेने का आहृ्वान किया. राज्य में पानी का अकाल व भविष्य को जलयुक्त शिवार योजना की शुरुआत की है. योजना के अंतर्गत नदी, नालों का गहराईकरण करने के साथ बहते पानी को रोकना व भूगर्भ में पानी का स्तर बढ़ाना यह योजना का उद्देश्य था. नदी व नालों का गहराईकरण करने से अनेक गांव मानसूनी बाढ़ से बच गए.
जलयुक्त शिवार योजना ने जमीन का पानी का स्तर बढ़ाने के साथ किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो गई. लेकिन यह महत्वाकांक्षी योजना तीन साल के लिए बंद कर दी गई. अब फिर से सरकार ने इस योजना का दूसरा चरण शुरू किया है. पानी सबके लिए जरूरी है. लिहाजा यह योजना गांवों तक पहुंच गई है. शिवार योजना के माध्यम से योजना के महत्व को सभी तक पहुंचाना आवश्यक है. ग्रापं व नागरिकों को योजना का लाभ लाभ को देखते हुए प्रस्ताव पेश करे. अपने गांव में योजना का क्रियान्वयन करें.
मृदा एवं जल संरक्षण विभाग के अंतर्गत क्रियान्वित जल योजना के द्वितीय चरण की विधायक ने समीक्षा की. इस समय वर्धा पंस के गुटविकास अधिकारी शशिकांत शिंदे, तहसीलदार रमेश कोलपे, जल सिंचाई विभाग के उपविभागीय अभियंता सोयाम, वर्धा तालुका कृषि अधिकारी राऊत, सेलू के गुट विकास अधिकारी देवानंद पानबुडे, सेलू तालुका कृषि अधिकारी जाधव, ग्रामसचिव, सरपंच, कर्मचारी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.
बैठक में भाजपा सेलू तालुका अध्यक्ष अशोक कलोडे, वर्धा तालुका अध्यक्ष गिरीष कांबले, जिला उपाध्यक्ष जयंत कावले, संजय गांधी निराधार योजना वर्धा तालुका अध्यक्ष फारूक शेख, संजय गांधी निराधार योजना के वर्धा शहर अध्यक्ष वीरू पांडे, वर्धा विधानसभा प्रमुख आशीष कुचेवार उपस्थित थे.