वर्धा: ऑपरेशन खोज की बड़ी सफलता; 15 साल बाद परिवार से मिली लापता बेटी, 42 मामलों का निपटारा

Minor Girls Missing Cases: वर्धा जिले में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के लापता होने के मामलों को सुलझाने के लिए पुलिस ने 'ऑपरेशन खोज' शुरू किया है, जिसके तहत 36 जटिल मामलों का निपटारा किया गया है।
Minor Girls Missing Investigation
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Wardha Police Minor Girls Missing Investigation: नाबालिग लड़कियों को बहला फुसलाकर अथवा प्रेम जाल में फंसाकर भगा ले जाने के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। जिले के 19 पुलिस थानों में शादीशुदा महिलाओं, युवतियों और किशोरियों के लापता होने के कई प्रकरण दर्ज हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में अनैतिक मानव परिवहन प्रतिबंधक कक्ष को लगभग 40 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें से 36 मामलों में इस दल को सफलता प्राप्त हुई है, जबकि कुछ प्रकरणों में खोज के दौरान दल को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

वर्धा जिले में आपराधिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रेम प्रसंगों में नाबालिग किशोरियों को भगाकर ले जाने के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। कई बार कम उम्र की लड़कियां प्रेम जाल में फंस जाती हैं। उनकी अज्ञानता का लाभ उठाकर आरोपी उन्हें भगा ले जाते हैं। इसके बाद लड़कियां अपने किए पर पछतावा करती हैं, किंतु चाहकर भी इस चंगुल से बाहर नहीं निकल पातीं। दूसरी ओर पीड़ित परिवार अपनी बेटी को खोजने के लिए दर-दर की ठोकरें खाता है और पुलिस विभाग से न्याय की गुहार लगाता है।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रकरणों की खोज के लिए वर्धा पुलिस ने ऑपरेशन खोज मुहिम शुरू की है। इसके लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्वतंत्र अनैतिक मानव परिवहन प्रतिबंधक कक्ष का गठन किया गया है। स्थानीय अपराध शाखा पुलिस तथा साइबर सेल की मदद से यह दल लापता अथवा अपहृत पीड़िताओं की तलाश कर रहा है।

4 प्रकरण बताए गए लंबित

अनैतिक मानव परिवहन प्रतिबंधक कक्ष को पिछले साढ़े तीन वर्षों में 40 प्रकरण प्राप्त हुए थे। इनमें से 36 प्रकरणों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 4 प्रकरण लंबित बताए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इन प्रकरणों के अलावा समानांतर जांच के 4 मामलों तथा अंतिम जांच के 2 मामलों में भी दल को सफलता मिली है।

इस प्रकार कुल मिलाकर इस दल ने लगभग 42 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा किया है। पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे तथा स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी के मार्गदर्शन में दल प्रमुख एएसआई सुभाष राऊत एवं उनकी टीम यह कार्य संभाल रही है।

15 वर्ष बाद परिवार को बेटी से मिलाया गया

ऑपरेशन मुस्कान के तहत एक जटिल प्रकरण में खोज दल ने जांच शुरू की थी। इसमें दयालनगर निवासी एक बालिका अपनी मां के साथ लापता हो गई थी। तकनीकी जांच और गुप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने लगभग 15 वर्ष बाद पीड़िता को हरियाणा के सोनीपत स्थित राही आश्रम से खोज निकाला और वापस परिवार तक पहुंचाया। इतने वर्षों बाद बेटी के घर लौटने पर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार ने इसके लिए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया।

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