वर्धा नगर परिषद (फोटो: नवभारत)
वर्धा. नगर परिषद में उपमुख्याधिकारी को ठेकेदार द्वारा गाली गलौज करने की घटना मंगलवार की दोपहर को सामने आयी। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। ठेकेदारों की बढ़ती मनमानी के चलते कर्मचारियों ने एकजुट हो कर विरोध कर ठेकेदार पर कार्रवाई करने की मांग की। संबंधित ठेकेदार द्वारा हमेशा ही अधिकारी व कर्मचारियों पर गलत व्यवहार होने का आरोप है। नगर परिषद में बढ़ रही ठेकेदारों की दादागीरी के चलते कर्मचारी आंदोलन की तैयारी में हैं। परिणामवश कर्मचारी विरूद्ध ठेकेदार ऐसा संघर्ष आने वाले दिनों में तेज हो सकता है।
नगर परिषद में दोपहर के समय उपमुख्याधिकारी अभिजीत मोटघरे अपने चेंबर में कार्य कर रहे थे। इस दौरान माया तिवारी नामक ठेकेदार उनके कक्ष में पहुंचा था। निर्माणकार्य के बिल को लेकर वह उपमुख्याधिकारी पर दबाव बना रहा था, ऐसा बताया जा रहा है। किंतु, नियमानुसार कार्य करने पर उपमुख्याधिकारी जोर दे रहे थे। जिसके बाद ठेकेदार ने उपमुख्याधिकारी से गाली गलौज करना शुरू कर दिया। यहीं नहीं तो ठेकेदार उनके टेबल पर रखें सामान को फेंकने की जानकारी है।
उपमुख्याधिकारी को ठेकेदार द्वारा अपमानित करने की बात अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को पता चलते ही उन्होंने एकजुट होकर घटना का विरोध किया। पश्चात नगर परिषद में कर्मचारी संगठन की हुई बैठक में ठेकेदार पर कार्रवाई करने का प्रस्ताव रखे जाने की जानकारी है। इस घटना की शिकायत मुख्याधिकारी राजेश भगत की ओर अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा की गई है। बुधवार को कर्मचारी कामबंद आंदोलन शुरू कर सकते हैं, ऐसी जानकारी नगर परिषद अधिकारी व कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी द्वारा दी गई है।
पुलिस में शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है। उक्त ठेकेदार के कामों में संदर्भ में निरंतर शिकायतें रहती हैं। करोड़ों रुपयों के काम ठेकेदार द्वारा वर्धा व हिंगनघाट में किये जा रहे हैं। इसके पूर्व छत्रपति शिवाजी चौक से जुनापानी चौक के सीमेंट सड़क के कार्य में ठेकेदार ने भारी अनियमितता की थी। जिसके शिकायत होने के गुणवत्ता की जांच कर सड़क की मरम्मत के आदेश दिये थे। परंतु यह भी कार्य ठेकेदार ने अधूरा किया है। ठेकेदार का मंत्रालय तक माया जाल होने के कारण उसे निरंतर अभयदान मिलता है। जिससे अधिकारियों पर दबाब बनाना अथवा उन्हें धमकाने की घटना निरंतर होती रहती है।