परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का अमरावती बस डिपो में औचक निरीक्षण, अव्यवस्था देख दो बड़े अधिकारी सस्पेंड

Amravati Bus Depot: अमरावती बस स्टैंड पर औचक निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था देख भड़के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक। विभागीय नियंत्रक और डिपो प्रबंधक को तुरंत सस्पेंड करने के दिए आदेश।
Maharashtra Transport Minister Pratap Sarnaik suspends Divisional Controller and Depot Manager over poor facilities during a surprise visit to Amravati bus stand.
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Amravati Bus Depot Transport Minister Pratap Sarnaik: महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने शनिवार रात अमरावती बस स्थानक का औचक निरीक्षण कर वहां की बदहाल व्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों से नाराज मंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभागीय नियंत्रक सचिन डफले और बस डिपो प्रबंधक वैशाली भाकरे को निलंबित करने के आदेश दिए। मंत्री की इस कार्रवाई से परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, जबकि यात्रियों और बस कर्मचारियों ने राहत की भावना व्यक्त की।

प्रदेश के दौरे पर अमरावती पहुंचे मंत्री सरनाईक ने रात करीब 10 बजे बस स्थानक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बस अड्डे की साफ-सफाई, यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों का जायजा लिया। निरीक्षण के समय उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और बस चालकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कर्मचारियों और चालकों ने डिपो परिसर में फैली अव्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही की जानकारी मंत्री को दी।

मौके पर मिली शिकायतों और प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दी खामियों से मंत्री सरनाईक काफी नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यात्रियों और कर्मचारियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन अमरावती बस स्थानक में स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।

उचित सुविधा व व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि परिसर में पर्याप्त सफाई नहीं है और कई स्थानों पर गंदगी फैली हुई है। इसके अलावा बस चालकों और कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों को स्नान के लिए गर्म पानी तथा पीने के लिए ठंडे और स्वच्छ पानी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। यात्रियों के लिए भी उचित व्यवस्था और सुविधाएं संतोषजनक नहीं मिलीं।

मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाही और उदासीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की। मंत्री के आदेश के बाद दोनों अधिकारियों के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

इस कार्रवाई के बाद बस स्थानक परिसर में व्यवस्था सुधारने की कवायद तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं यात्रियों और कर्मचारियों ने मंत्री की तत्परता और सख्त कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे भविष्य में बस स्थानक की व्यवस्थाओं में सुधार होगा।

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