वर्धा नदी का खौफनाक मंजर, कपड़े धोते-धोते गहराई में समा गया पूरा परिवार, नदी में डूबे 3 मासूम
Wardha River Safety: चंद्रपुर के धानोरा में वर्धा नदी में कपड़े धोने गए पिता, पुत्री और भांजी की डूबने से मौत। घुग्घुस पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन। जानें पूरी घटना।
- Written By: गोरक्ष पोफली
वर्धा नदी में जारी सर्च सर्च ऑपरेशन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Wardha River Drowning Case: चंद्रपुर जिले के घुग्घुस क्षेत्र के समीप स्थित धानोरा गांव में मंगलवार की सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई, जब वर्धा नदी में कपड़े धोने गए चार लोगों में से तीन की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में राजू कोडापे (40), उनकी 12 वर्षीय बेटी अर्पिता और 14 वर्षीय भांजी प्रियांका मडावी शामिल हैं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
अचानक गहराई में जाने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजू कोडापे मूल रूप से राजुरा तहसील के खामोना गांव के निवासी थे और हाल ही में धानोरा स्थित अपनी बहन के घर आए हुए थे। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वे अपनी बेटी और भांजी के साथ नदी किनारे कपड़े धोने गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी के किनारे पानी शांत दिख रहा था, लेकिन गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण चारों अचानक गहरे पानी में चले गए। राजू ने बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन नदी की तेज धारा और गहराई ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। इस दौरान रोहन मडावी नामक युवक किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।
बचाव अभियान और प्रशासन की सक्रियता
हादसे की खबर मिलते ही घुग्घुस पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों और बचाव दल की मदद से नदी में शवों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। मंगलवार देर शाम तक शवों को खोजने की प्रक्रिया जारी रही। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जो पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और बचाव कार्य में मदद के लिए पहुंचे थे।
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सुरक्षा इंतजामों की उठ रही मांग
इस हृदय विदारक हादसे के बाद चंद्रपुर जिले के धानोरा में प्रशासन के प्रति आक्रोश भी देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्धा नदी के इस तट पर पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है, लेकिन वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नदी के संवेदनशील घाटों पर सुरक्षा रेलिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं।
