महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले सीएम फेस की घोषणा जरूरी, अपनी मांग पर अड़े उद्धव ठाकरे
विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में सीएम फेस के चेहरे को लेकर एक बार फिर से महाभारत छिड़ती नजर आ रही है। मविआ में शामिल कांग्रेस और राकां शरदचंद्र पवार ने साफ शब्दों में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधानसभा चुनाव के लिए सीएम फेस घोषित करने से इनकार कर दिया है।
- Written By: शुभम सोनडवले
नाना पटोले, उद्धव ठाकरे व शरद पवार (सोर्स: एएनआई)
मुंबई. विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में सीएम फेस के चेहरे को लेकर एक बार फिर से महाभारत छिड़ती नजर आ रही है। मविआ में शामिल कांग्रेस और राकां शरदचंद्र पवार ने साफ शब्दों में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधानसभा चुनाव के लिए सीएम फेस घोषित करने से इनकार कर दिया है। राकां शरद चंद्र पवार और कांग्रेस कह रहे हैं कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ज्यादा सीटोंवाली पार्टी का सीएम चुना जाएगा लेकिन उद्धव और उनकी पार्टी सीएम पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस वजह से मविआ गठबंधन का अस्तित्व खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राज्य की सभी पार्टियां तैयारियों में जुटी हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही आचार संहिता और चुनावी कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है। इसी दौरान सीएम पद के चेहरे को लेकर विपक्षी दलों में घमासान देखने को मिल रहा है। कांग्रेस और शरद पवार द्वारा उद्धव को सीएम पद का चेहरा घोषित किए जाने से इनकार के बाद अब उद्धव की शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार से अपने सीएम पद के उम्मीदवार का नाम घोषित करने की मांग कर रही है। उद्धव की पार्टी का कहना है कि भले ही मविआ में सीएम पद का चेहरा कांग्रेस या शरद पवार गुट से हो, हम उसे समर्थन देने को तैयार हैं। बस कांग्रेस और शरद पवार अपने सीएम पद के चेहरे का नाम घोषित करें।
फडणवीस ने भड़काया
गौरतलब हो कि कुछ दिनों पहले शरद पवार और कांग्रेस ने उद्धव को सीएम पद का चेहरा घोषित करने से इनकार कर दिया था। दोनों ने उद्धव से साफ शब्दों में कह दिया था कि जिसका ज्यादा विधायक होगा, उसका सीएम बनेगा। कांग्रेस और बड़े पवार की दो टूक के बाद उद्धव की पार्टी बैक फुट पर आ गई थी लेकिन हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह कहकर उद्धव गुट को भड़का दिया कि मविआ में उद्धव सीएम पद की रेस में कहीं हैं ही नहीं।
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ज्यादा विधायकों वाला फार्मूला खतरनाक
उद्धव की पार्टी का कहना है कि सीएम पद के चेहरे के बगैर चुनाव लड़ना आसान नहीं है। ज्यादा विधायक वाले फार्मूले के आधार पर गठबंधन में चुनाव लड़ने में उससे भी ज्यादा जोखिम है। अपनी सीटें बढ़ाने के चक्कर में सियासी पार्टी के लोग सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को गिराने का प्रयास ज्यादा करते हैं। ऐसा बीजेपी के साथ महायुति के दौरान हम तीन चुनाव में भुगत चुके हैं।
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जयंत पाटिल के बयान से बढ़ी होड
कुछ दिन पहले राकां नेता शरद पवार ने कहा था कि हमारी पार्टी के किसी नेता की सीएम पद में कोई दिलचस्पी नहीं है। बाद में पवार की सांसद पुत्री सुप्रिया सुले ने भी शरद पवार के बयान का समर्थन किया था। तब यह माना जा रहा था कि मविआ में सीएम पद के लिए कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) के बीच ही होड़ देखने को मिलेगी लेकिन राकां शरदचंद्र पवार के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने सोमवार को कहा कि जनता चाहती है कि सीएम कोई शरद पवार की राकां से बने।
