

Third Mumbai KSC New Town: मुंबई से सटे रायगढ़ जिले में प्रस्तावित तीसरी मुंबई को बसाने की प्रक्रिया तेज होती दिख रही है। मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने अटल सेतु से प्रभावित इलाके के 124 गांवों में 27 अप्रैल से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।
जमीन मालिकों को जमीन का मुआवजा देने के लिए तीन आकर्षक ऑप्शन रखे गए हैं। यह मुंबई से तीन गुना बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर होगा। तीसरी मुंबई जिसे आधिकारिक तौर पर करनाला-साई-चिरनेर (केएससी) न्यू टाउन का नाम दिया गया है। इसकी घोषणा साल 2013 में की गई थी।
मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक यानी अटल सेतु और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास रायगढ़ जिले में इसे विकसित किया जा रहा है। यह एक विशाल 370 वर्ग किमी का नया सुनियोजित शहर होगा। इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट का उद्देश्य मुंबई की भीड़भाड़ कम करना और इसे एक आधुनिक औद्योगिक व आवासीय हब बनाना है।
रायगढ़ जिले की उरण, पनवेल, पेण तहसील के 124 गांवों में जमीन अधिग्रहण करने का प्रस्ताव है। एमएमआरडीए भूमि अधिग्रहण का काम 27 अप्रैल से शुरू करेगा। इसके लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए एमएमआरडीए ने जमीन खरीदने का प्रक्रिया शुरू कर दी है। जमीन अधिग्रहण के लिए जमीन मालिकों से मंजूरी ली जाएगी, 'नवनगर डेवलपमेंट अथॉरिटी (एनटीडीए) के करीब 323.44 वर्ग किमी एरिया में रायगढ़ जिले के उरण, पनवेल और पेण तहसील के 124 गांवों में तीसरी मुंबई बनाई जाएगी। यह इलाका नवी मुंबई की तरफ अटल सेतु परियोजना के असर वाले क्षेत्र में है।
राज्य सरकार ने पिछले महीने 16 मार्च को जमीन खरीदने और जमीन देने की नीति का ऐलान किया था। इस नीति के तहत सिडको और एमआईडीसी की नीति के हिसाब से परियोजना से प्रभावित लोगों को डेवलप प्लॉट का 22.5 प्रतिशत नकद मुआवजा या एफएसआई/टीडीआर के तौर पर मुआवजा देने का फैसला किया गया है। नई प्रक्रिया से जमीन अधिग्रहण में तेजी आएगी, उरण और पनवेल तहसील में 22.5 प्रतिशत विकास किए गए प्लॉट जमीन मालिकों को उरण तहसील में दिए जाएंगे, जबकि पेन तहसील के जमीन मालिकों को उसी तहसील में विकसित किए गए प्लॉट का 22.5 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा।
तीसरी मुंबई बसाने के लिए जनहित को ध्यान में रखकर विकास पर जोर दिया जाएगा। जमीन मालिकों को कई ऑप्शन दिए जाएंगे, जनभागीदारी के साथ शहर का विकास किया जाएगा। इस शहर के विकास की सफलता नागरिकों की भागीदारी पर निर्भर करती है। - डॉ। संजय मुखर्जी, आयुक्त, एमएमआरडीए
एमएमआरडीए अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन सहमति पंजीकरण की सुविधा 27 अप्रैल से एमएमआरडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। जमीन मालिकों को जरूरी दस्तावेज के साथ यह प्रक्रिया पूरा करना होगा। इससे कोई विवाद नहीं होगा और काम में तेजी आएगी।
यह भारत की अगली व्यापारिक राजधानी होगी। इस शहर में एज्युसिटी, मेडीसिटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और डेटा सेंटर आदि शामिल होंगे। एज्युसिटी में विश्व के शीर्ष विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित किए जाएंगे। एज्युसिटी प्रस्तावित शहर का शिक्षा का केंद्र होगा। भारतीय रेलवे इस क्षेत्र में एमयूटीपी-4 के तहत मुंबई उपनगरीय रेलवे के विस्तार की योजना बना रहा है।