ठाणे के वागले इस्टेट में 5 दिनों से दहशत फैला रहा घायल तेंदुआ आखिरकार पकड़ा गया, वन विभाग ने किया बेहोश

Thane Leopard News: ठाणे के वागले इस्टेट इलाके में पिछले 5 दिनों से घूम रहे एक घायल और कमजोर नर तेंदुए को वन विभाग और एसजीएनपी की टीम ने बेहोश करने का इंजेक्शन देकर सुरक्षित पकड़ लिया है।
A 5-year-old injured male leopard that caused panic for 5 days in Thane's Wagle Estate was successfully tranquilized and captured by SGNP and forest officials.
घायल तेंदुआ (सोर्स - नवभारत)
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Thane Leopard Sanjay Gandhi National Park: ठाणे शहर के वागले इस्टेट क्षेत्र अंतर्गत इंदिरानगर, कैलाश नगर सहित अन्य क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से दहशत का पर्याय बने 4 से 5 साल के एक घायल नर तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग के अधिकारियों को सफलता मिली है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

बेहोशी का इंजेक्शन देकर सुरक्षित पकड़े गए तेंदुए को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बताया गया कि तेंदुए के पैरों के तलुओं एवं पूंछ सहित शरीर के अन्य स्थानों पर चोट का निशान था।

तेंदुआ के विचरण से नागरिकों में थी दहशत

बताया गया कि इंदिरानगर इलाके में एक तेंदुआ पिछले 5 दिनों से घूम रहा था। जिससे वहां के लोगों में डर का माहौल बन गया था। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की सीमा अंतर्गत इंदिरानगर इलाके में वन कर्मचारी एवं राज्य सुरक्षा मंडल के जवानों ने शनिवार को शाम पेड़ पर जख्मी तेंदुए को देखा था।

इसकी जानकारी मिलने के बाद, वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और जानवरों से प्यार करने वाली संस्थाओं डब्ल्यू डब्ल्यूएफ और आरएडब्ल्यू के स्वयंसेवक मौके पर जांच के लिए पहुंच गए। जब उन्होंने तेंदुए को देखा, तो पाया कि उसकी हरकतें सामान्य नहीं थीं। साथ ही, रात का समय होने की वजह से तेंदुए को पकड़ना मुमकिन नहीं था।

वन विभाग की टीम ने चलाया सर्च ऑपरेशन

वन विभाग की टीम ने रविवार सुबह 6 बजे फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उस समय, तेंदुआ रात वाली जगह से 70 से 80 मीटर दूर झाड़ियों में पड़ा हुआ देखा गया, तेंदुआ घायल और कमजोर होने की वजह से उसे जाल से पकड़ना मुमकिन नहीं था। संजय गांधी नेशनल पार्क के पशु चिकित्सा अधिकारी विनया जंगले की मदद से रेस्क्यू टीम ने डार्ट से तेंदुए को बेहोश कर दिया। जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। जिससे इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है।

बताया गया है कि पकड़ा गया तेंदुआ बीमार और कमजोर है और अब उसका इलाज किया जाएगा, इस ऑपरेशन में संजय गांधी नेशनल पार्क की वनसंरक्षक एवं निदेशक अनीता पाटिल, उप निदेशक प्रदीप पाटिल, पशु चिकित्सा अधिकारी विनया जंगले, येऊर वन परिक्षेत्र अधिकारी मयूर सुरवसे, ठाणे वन परिक्षेत्र नरेंद्र मुंढे, संजय गांधी नेशनल पार्क रैपिड रेस्क्यू टीम, रोहित मोहिते, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, रॉ पशुप्रेमी संस्था के स्वयंसेवक शामिल थे।

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