उल्हासनगर में 1.27 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी, परिवहन कंपनी के दो कर्मचारियों पर FIR

Transport Company Fraud: उल्हासनगर में परिवहन कंपनी के दो कर्मचारियों पर नियोक्ता से 1.27 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Transport Company Fraud:उल्हासनगर में परिवहन कंपनी (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Ulhasnagar Fraud Case: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर में एक परिवहन कंपनी के दो कर्मचारियों के खिलाफ अपने नियोक्ता से करीब 1.27 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, 59 वर्षीय परिवहन व्यवसायी ने शिकायत दर्ज कराई है कि आरोपी अजयकुमार लालबहादुर पांडे और केशवप्रसाद रामसेवक तिवारी उर्फ त्रिपाठी ने जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच उनके साथ धोखाधड़ी की।

पुलिस ने बताया कि पांडे को कंपनी के खातों और बैंक लेनदेन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जबकि तिवारी उल्हासनगर स्थित मयूर बल्क कैरियर्स के कार्यालय में प्रबंधक के रूप में कार्यरत था। दोनों ने आपसी सांठगांठ कर मालिक के विश्वास का दुरुपयोग करते हुए कथित तौर पर धन की हेराफेरी की। अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता के जाली हस्ताक्षर कर चेक जारी करने के लिए कथित तौर पर एक अन्य व्यक्ति की मदद ली और अनधिकृत वित्तीय लेनदेन के लिए कंपनी के लेटरहेड का दुरुपयोग किया।

धन हस्तांतरित

पुलिस के अनुसार, पांडे ने मालिक की अनुमति के बिना अपना मोबाइल नंबर कंपनी के बैंक खाते से जोड़ लिया था, जिससे खाताधारक की जानकारी के बिना लेनदेन किए जा सके। वहीं, तिवारी ने कंपनी के बिजनेस खाते से विभिन्न बैंक खातों में धन हस्तांतरित किया, नकदी निकाली और गबन किया।

मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं

इन कृत्यों से शिकायतकर्ता को कुल 1,27,12,700 रुपए का नुकसान हुआ। उल्हासनगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारी ने बताया कि बैंक रिकॉर्ड, जाली दस्तावेजों और धन लेनदेन की जांच की जा रही है। फिलहाल, इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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