

Ulhasnagar Municipal Women Leadership: जहां एक ओर देश में महिला विधेयक को लेकर हंगामा मचा हुआ है। वहीं उल्हासनगर मनपा के प्रमुख पदों पर 90 फीसदी महिलाए विराजमान है और उनके हाथों शहर की बागडोर है। मनपा में पहले से ही आयुक्त के रूप में मनीषा अव्हाले अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। वही जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शहर की प्रथम व्यक्ति अर्थात महापौर बनने का सौभाग्य एक महिला अश्विनी कमलेश निकम को मिला है। सोमवार को उल्हासनगर मनपा की विविध दस समितियों के सभापतियों के चुनाव हुए इनमें भी महिलाओं का वर्चस्व दिखाई दिया।
10 में 8 समितियों की सभापति महिला बनी है। इन समितियों के गठन के लिए भाजपा और शिंदे शिवसेना के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। प्रत्येक समिति के लिए केवल एक ही नामांकन प्राप्त हुआ था। जिसके चलते चुनाव निर्विरोध संपन्न हुए और इनमें महिलाए कामयाब हुई। शिंदे शिवसेना के कुलवंत सिंह सोहता तथा भाजपा के विपुल मयेकर यह दो पुरुष सभापति बने है शेष 8 सभापति महिलाए चुनी गई है।
साक्षी संदीप सुर्वे को शिक्षा समिति का सभापति चुना गया है। यह उनका पहला चुनाव है और एक महत्वपूर्ण समिति में वह चुनी गई है। इसी तरह वरिष्ठ और कुशल पार्षद के रूप में जानी जाने वाली मीना दीपक सोंदे को महिला एवं बाल कल्याण समिति का अध्यक्ष चुना गया है।जो एक सेवा-उन्मुख समिति है। लगातार दूसरी बार चुनी गईं सविता तोरने - रगड़े को स्वास्थ्य समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने का अवसर मिला है। साई पार्टी की इकलौती नगरसेविका दीप्ति दुधानी को शिवसेना के कोटे से लोक निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
मनपा की योजना एवं नगर विकास समिति (टीपीडी) के लिए भाजपा की मीना कौर अजीत लबाना को इस समिति का अध्यक्ष चुना गया है। टीपीडी महकमा टीडीआर घोटाले के लिए कुख्यात है अब देखना होगा कि टीपीडी की नवनिर्वाचित सभापति मीना कौर लबाना क्या एक्शन लेती है।
भाजपा के वरिष्ठ पार्षद दीपा नारायण पंजाबी को जल आपूर्ति एवं जल निकासी का जटिल विभाग सौंपा गया है। उसकी असली परीक्षा इस बात पर होगी कि वह इसे कैसे संभालती है।भाजपा की प्रीति विनोद माखीजा खेल एवं सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष चुनी गई हैं। इस विभाग के पास न तो पर्याप्त धन है और न ही काम। इसलिए यह अध्यक्ष पद मात्र दिखावटी है। शिंदे सेना की प्रेरणा अजीत माखीजानी राजस्व समिति की सभापति चुनी गई हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात और मनपा के खजाने की कुंजी माने जाने वाले शिंदे सेना के वरिष्ठ नगर अधिकारी कुलवंत सोहता बिट्टू भाई का चयन उचित है। सभी को विश्वास है कि शांत, संयमित और बेदाग छवि वाले सोहता सभी को साथ लेकर चलेंगे और इस पद को बखूबी संभालेंगे। लगभग साढ़े 8 वर्षों के बाद, जब सभी समितियों का चुनाव सर्वसम्मति से हुआ है। आशा व्यक्त की जा रही है कि उल्हासनगर में अब और अधिक विकास और प्रगति होगी।
हालांकि, कई वरिष्ठ और अनुभवी पार्षदों का नाराज़ होना स्वाभाविक है क्योंकि उन्हें इस चुनाव में अवसर ही नहीं मिला है। यह उनकी मजबूरी है कि वे सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी व्यक्त नहीं कर पा रहे है।
(इनपुटः कमर काजी)