गर्मी में पानी संकट, नागपुर में जलशुद्धिकरण केंद्रों का दौरा; देरी पर उठे सवाल
Nagpur Water Supply Issue: नागपुर में आधी गर्मी के बाद मनपा को जल स्रोतों व शुद्धिकरण केंद्रों की याद आई। जनप्रतिनिधियों ने दौरा कर व्यवस्था की समीक्षा की, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठे।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर पानी संकट( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Municipal Water Management: नागपुर मनपा अपनी कार्यप्रणाली के कारण हर समय चर्चाओं में रही है। इसी तरह का एक उदाहरण फिर देखने को मिला जहां प्यास लगने के बाद कुआं खोदने की कहावत चरितार्थ होती दिखाई दी।
जैसे-आधी गर्मी बीत जाने के बाद अब न केवल कच्चे पानी के स्रोतों का जायजा लिया जा रहा है, बल्कि जलशुद्धिकरण केंद्रों की जानकारी प्राप्त की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि शहर में जल आपूर्ति कैसे होती है। इसमें किन तकनीकों का उपयोग किया जाता है और पूरे शहर की प्यास कैसे बुझाई जाती है, इसकी विस्तृत जानकारी के लिए सोमवार को जलशुद्धिकरण केंद्रों का दौरा आयोजित किया गया।
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दौरे में महापौर नीता ठाकरे के नेतृत्व में उपमहापौर लीला हाथीबेड, सत्ता पक्ष के नेता बाल्या बोरकर, नेता प्रतिपक्ष संजय महाकालकर, मंगला खेकरे, दिव्या धुरडे, विजय झलके सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे।
जलशुद्धिकरण केंद्रों का तकनीकी निरीक्षण दौरे के दौरान पार्षदों ने 115 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाले पेंच जलशुद्धिकरण केंद्र, चरण-4 (गोधनी) का दौरा किया, वहां उन्होंने स्काडा (SCADA) रूम, फिल्टर पंप, प्लांट ट्रीटमेंट, कैस्केड, क्लोरीन इमारत और डेमो प्लांट का निरीक्षण कर संयंत्र की क्षमता और तकनीकी दिक्कतों की जानकारी ली।
इसके पश्चात टीम ने 240 एमएलडी क्षमता वाले कन्हान जलशुद्धिकरण केंद्र का जायजा लिया। महापौर और सभी पदाधिकारियों ने कन्हान नदी में बने 2 इनटेक कुओं का निरीक्षण किया और बारिश के दिनों में नदी में बाढ़ आने पर पानी की पंपिंग में आने वाली कठिनाइयों को समझा।
साथ ही, ओसीडब्ल्यू के अधिकारियों ने पेंच के चरण 1, 2, 3 और गोरेवाड़ा से होने वाली जल आपूर्ति के संदर्भ में नगरसेवकों को विस्तृत जानकारी दी।
टंकियों के जलस्तर की पार्षदों को दें जानकारी: महापौर नीता ठाकरे ने बताया कि इस दौरे का मुख्य मकसद पार्षदों को ट्रिपिंग और बाढ़ जैसी वास्तविक समस्याओं से अवगत कराना था, ताकि वे आम नागरिकों को सही स्थिति समझा सकें, उन्होंने जलप्रदाय समिति और ओसीडब्ल्यू के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पानी की टंकियों के जलस्तर की सीधी जानकारी पार्षदों को दी जाए, सभी टंकियों पर फ्लो मीटर लगाए जाएं, मुख्यालय में ओसीडब्ल्यू का डैशबोर्ड शुरू किया जाए और जल आपूर्ति के अपडेट की पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए।
786 MLD है क्षमता
शहर को मुख्य रूप से कन्हान नदी और पारशिवनी तहसील स्थित पेंच जलाशय (नवेगांव खैरी) से पानी मिलता है।
कन्हान नदी पर स्थित प्लांट से वर्तमान में प्रतिदिन 210 से 225 एमएलडी कच्चे पानी की आपूर्ति की जाती है। गर्मियों में नदी का जलस्तर घटने पर पेंच जलाशय का पानी कन्हान नदी में छोड़ा जाता है।
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पेंच जलाशय से पानी एक बीपीटी (BPT) के माध्यम से 2300 मिमी व्यास की पाइपलाइन द्वारा पेंच जलशुद्धिकरण केंद्रों (चरण 1, 2, 3 गोरेवाड़ा और चरण 4 गोधनी) तक पहुंचाया जाता है और अतिरिक्त पानी गोरेवाड़ा तलाब में जमा किया जाता है।
शहर के विभिन्न जलशुद्धिकरण केंद्रों की कुल स्थापित क्षमता 786 एमएलडी है। जिसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 735 एमएलडी शुद्ध पानी शहर के विभिन्न जलसंग्रहण केंद्रों को आपूर्ति किया जाता है।
