

Ulhasnagar Municipal Corporation: उल्हासनगर मनपा के महासभा में एंटीलिया घाट को पर्यटन स्थल का दर्जा देने के विवाद को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच आंतरिक मतभेद खुलकर देखने को मिले। इस प्रस्ताव पर आम सभा में हंगामा मचने के बाद महापौर अश्विनी कमलेश निकम ने दोपहर के भोजन के लिए अवकाश की घोषणा की, हालांकि उनके जाते ही उप महापौर अमर लुंड ने सीधे महापौर की कुर्सी संभाल ली और बैठक जारी रखी।
बुधवार मनपा सदन में हुई इस चौंकाने वाली घटना में सभी को हैरानी हुई। बतादें, स्थानीय मनपा में शिंदे शिवसेना तथा भाजपा इन दोनों दलों का गठबंधन सत्ता में है।
क्षेत्रीय भाजपा विधायक कुमार आयलानी के सुझाव पर पेश किए गए इस प्रस्ताव के चलते दोनों दलों के पार्षदों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। बहस बढ़ने पर महापौर अश्विनी निकम ने बैठक स्थगित कर दोपहर के भोजन के लिए अवकाश घोषित कर दिया। लेकिन उप महापौर अमर लुंड ने इस फैसले का विरोध किया और महापौर की कुर्सी पर बैठकर कार्यवाही जारी रखी।
महापौर के साथ-साथ मनपाआयुक्त मनीषा अव्हाले और मनपा के अधिकारी भी बैठक से बाहर चले गए। इसलिए उप महापौर द्वारा अधिकारियों की अनुपस्थिति में आयोजित इस बैठक की वैधता पर अब सवाल उठ रहे हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने सत्ताधारी गठबंधन में स्पष्ट रूप से एक बड़ी दरार पैदा कर दी है और सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में गठबंधन कायम रहेगा या टूट जाएगा।
क्षेत्रीय भाजपा विधायक कुमार आयलानी के सुझाव पर लाए गए इस प्रस्ताव पर सदन में हंगामा बढ़ता देख महापौर अश्विनी कमलेश निकम ने बैठक को दोपहर के भोजन के लिए स्थगित कर दिया और मनपा आयुक्त मनीषा अव्हाले तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाहर चली गईं।
हालांकि, इस फैसले का विरोध करते हुए उप महापौर अमर लुंड ने तुरंत महापौर की कुर्सी संभाल ली और अधिकारियों की अनुपस्थिति में ही बैठक की कार्यवाही जारी रखी। इस अभूतपूर्व और चौंकाने वाले घटनाक्रम के बाद अब उप महापौर द्वारा बुलाई गई बैठक की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं इस घटना ने दोनों दलों के राजनीतिक रिश्ते और सत्ताधारी गठबंधन के भविष्य पर भी संशय पैदा कर दिया है।