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टिटवाला के सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट जितेंद्र जोशी ने नदी में जमा गाद को वैज्ञानिक तरीके से हटाने की मांग की है।
नदी का प्राकृतिक जलप्रवाह बेहतर बनाने के लिए नदी तल को गहरा और चौड़ा करने का आग्रह किया गया है।
जल संसाधन मंत्री ने जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश देने का आश्वासन दिया।
Kalu River Beautification: टिटवाला के सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट जितेंद्र जोशी ने कालू नदी से जमा गाद को हटाने, नदी के तल को गहरा और चौड़ा करने, तथा नदी के किनारों के सौंदर्यीकरण की मांग की है। इस संबंध में, उन्होंने मुंबई के मालाबार हिल स्थित आधिकारिक सरकारी आवास 'सेवा सदन' में जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन से मुलाकात की और एक औपचारिक अनुरोध सौंपा।
जोशी ने बताया कि कालू नदी में भारी मात्रा में गाद जमा हो गई है, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव धीमा हो गया है और मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से इस गाद को हटाने और उसके बाद नदी के रास्ते को गहरा और चौड़ा करने का आग्रह किया है।
मंत्री महाजन ने आश्वासन दिया कि जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया जाएगा, और उन्होंने सौंपे गए दस्तावेज पर इस संबंध में एक औपचारिक टिप्पणी भी दर्ज की। इसके साथ ही, जोशी ने पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई को भी एक अनुरोध पत्र सौंपा जिसमें कालू नदी के किनारों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव है।
इसमें पैदल मार्ग (वॉकवे) का निर्माण, वृक्षारोपण, लाइटिंग लगाना और आम जनता के बैठने के लिए जगह की व्यवस्था करना शामिल है। जोशी का मानना है कि इन कदमों से न केवल टिटवाला में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बाढ़ के खतरे को कम करने में भी मदद मिलेगी।
कालू नदी के संरक्षण और विकास की यह पहल टिटवाला के नागरिकों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नदी में गाद जमा होने और जलप्रवाह प्रभावित होने से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बारिश के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में नदी की नियमित सफाई, जलप्रवाह की क्षमता बढ़ाने और किनारों को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की जरूरत है। यदि प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी मिलती है और काम समयबद्ध तरीके से पूरा होता है, तो इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल और पर्यटन की नई संभावनाएं भी मिल सकती हैं।