ठाणे में इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार लंबा, तकनीकी गड़बड़ी से योजना पर लगा ब्रेक

Thane News: ठाणे में पीएम ई-बस योजना के तहत मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें तकनीकी खामियों के कारण समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं है। अब ठाणेकरों को इनके लिए एक महीने और इंतजार करना होगा।
electric buses (pic credit; social media)
एमएमआर में पीएम ई-बस (pic credit; social media)
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PM E-Bus Scheme in Thane: ठाणे में प्रदूषण मुक्त और आरामदायक सफर का सपना देख रहे ठाणेकरों को अभी और इंतजार करना होगा। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत ठाणे को मिलने वाली 100 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें तय समय पर नहीं पहुंच सकी हैं। इनमें से 25 बसें अगस्त के अंत तक शुरू होने वाली थीं लेकिन तकनीकी खामियों के कारण सितंबर की शुरुआत तक भी ये बसें ठाणे परिवहन निगम (टीएमटी) को उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।

टीएमटी के मौजूदा बेड़े में पहले से ही 123 इलेक्ट्रिक एसी बसें चल रही हैं जो यात्रियों को बेहतर सफर का अनुभव दे रही हैं। लेकिन केंद्र सरकार की योजना के तहत और 100 बसें इस साल शामिल होनी थीं ताकि ठाणेकरों को गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक परिवहन मिल सके और शहर का पर्यावरण संतुलन भी बनाए रखा जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि इन बसों का निरीक्षण नागपुर में किया गया था जहां कई तकनीकी कमियां पाई गईं। इसी वजह से बसों की डिलीवरी रोकी गई है। टीएमटी प्रबंधक भालचंद्र बेहरे का कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर करने की प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि एक महीने के भीतर ये बसें सड़क पर दौड़ने लगेंगी।

गौरतलब है कि ठाणे मनपा को केंद्र और राज्य सरकार की मदद से कुल 403 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। इनमें से 123 पहले ही शामिल हो चुकी हैं, 86 बसों की खरीद के लिए धनराशि मंजूर हो गई है और ये एक साल के भीतर उपलब्ध होंगी। शेष 94 बसें अगले दो सालों में शामिल की जाएंगी।

प्रशासन ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत एक साल के भीतर 100 नई बसें ठाणेकरों को मिल जाएंगी। लेकिन हकीकत यह है कि सितंबर शुरू होने तक भी यात्री इन बसों का इंतजार कर रहे हैं।

नागरिकों का कहना है कि अगर ये बसें समय पर मिल जाएं तो ठाणे में यातायात का दबाव कम होगा, प्रदूषण घटेगा और सफर भी सुविधाजनक होगा। लेकिन बार-बार हो रही देरी से लोगों में निराशा बढ़ रही है।

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