

Thane Teachers Salary Adjustment Issue News: ठाणे शहर के अनुदानित स्कूलों में शिक्षकों का पद कम होने की वजह से उन्हें अतिरिक्त बनाया गया है। उनका समायोजन नहीं किया गया है और उन्हें वेतन भी नहीं दिया गया है। यह मामला जनसेवक के जनसंवाद कार्यक्रम में सामने आया है।
इस संदर्भ में विधायक केलकर ने शिक्षा विभाग के उप निदेशक से चर्चा कर उनका तुरंत समायोजन करने और वेतन देने के लिए कहा है। उप निदेशक के साथ हुई चर्चा से अतिरिक्त शिक्षकों को राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
ठाणे के एक अनुदानित गुजराती स्कूल के शिक्षक खोपट स्थित भाजपा कार्यालय में हुए जनसेवक का जनसंवाद कार्यक्रम में मौजूद थे। यहां कुछ शिक्षकों को पोस्ट कम होने की वजह से अतिरिक्त बनाया गया था। वहीं उनका कहीं और समायोजन नहीं किया गया है।
शिक्षकों ने विधायक संजय केलकर को दिए ज्ञापन में शिकायत की कि उन्हें पिछले तीन महीने से सैलरी नहीं दी गई है और वे वोटर वेरिफिकेशन कैंपेन में भी शामिल रहे है। इस बारे में विधायक केलकर ने उप निदेशक से फोन पर बात की और सुझाव दिया कि इन शिक्षकों को समायोजित किया जाए और एक हफ्ते के अंदर उनकी सैलरी दी जाए।
उप निदेशक के सकारात्मक उत्तर से इन शिक्षकों को इंसाफ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जनसेवक का जनसंवाद कार्यक्रम में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित नागरिक भी मौजूद थे। नागरिकों ने बताया कि उनकी अपनी जमीन दिए जाने के बाद मनपा ने उन्हें पुनर्वास पत्र दिया था लेकिन 10-20 साल बाद भी मनपा ने उनका पुनर्वास नहीं किया है।
इस मामले पर एक साल से फॉलोअप चल रहा है और आखिरकार विधायक कैलकर ने बताया कि संबंधित विभाग के उपायुक्त और सहायक आयुक्त की मौजूदगी में प्रभावितों की एक बैठक होगी और उसमें फैसला लिया जाएगा।
विधायक केलकर ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायतों के बावजूद मनपा प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। पिछले कुछ दिनों में तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मनपा में एंटी करप्शन स्क्वॉड ने एक अधिकारी को गिरफ्तार किया था।
मुंबई में करप्शन के एक मामले में सरकार ने एक और उपायुक्त को निलंबित कर दिया, जबकि दो दिन पहले एक रिटायर्ड सहायक आयुक्त को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। विधायक केलकर ने मांग की है कि मनपा ऐसे अधिकारियों के खिलाफ एक्शन ले और उनकी प्रॉपर्टी की जांच करें।
ठगे गए नागरिक बड़ी उम्मीद से इकोनॉमिक क्राइम ब्रांच की तरफ देखते हैं, लेकिन वहां भी पुलिस ऑफिसर शिकायत करने वालों को इंसाफ नहीं देते। डेवलपर्स द्वारा फ्रॉड, फाइनेंस कंपनियों द्वारा फ्रॉड की शिकायतों के बावजूद इकोनॉमिक क्राइम ब्रांच एक्शन नहीं लेती और डेवलपर्स और कंपनियों का साथ देती है।